नशीली गोलियां ट्रोमाडोल बेचने के लिए लाने वाले जयपुर के सप्लायर को 12 साल का कठोर कारावास
नशीली गोलियां ट्रोमाडोल बेचने के लिए लाने वाले जयपुर के सप्लायर को 12 साल का कठोर कारावास
बीकानेर। एनडीपीएस की विशेष कोर्ट में पीठासीन अधिकारी प्रमोद बंसल ने 25000 नशीली गोलियां ट्रोमाडोल बेचने के लिए लाने वाले और जयपुर के सप्लायर को 12-12 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों अपराधियों को दो लाख रुपए का आर्थिक दंड भी भुगतना होगा।19 जनवरी, 21 को नयाशहर पुलिस थाने के एसएचओ गोविन्दसिंह चारण शाम को गश्त करते मुरलीधर व्यास कॉलोनी पहुंचे तो वहां शहरी स्वास्थ्य केन्द्र के पास एफ सेक्टर में एक व्यक्ति पुलिस को देखकर कार्टन उठाकर भागने लगा। पुलिस ने उसे पकड़ा और कार्टन चेक किया तो 100 पैकेट में 25000 नशीली गोलियां ट्रोमाडोल बरामद हो गईं। पुलिस ने अभियुक्त बच्छासर निवासी विष्णुसिंह को गिरफ्तार किया था। एनडीपीएस मामले की जांच तत्कालीन गंगाशहर पुलिस थाने के एसएचओ राणीदान उज्जवल ने की। अभियुक्त को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तो खुलासा हुआ कि वह जयपुर निवासी शशि भारती से नशीली गोलियां लेकर आया था। पुलिस ने जयपुर से सप्लायर शशि भारती को गिरफ्तार किया और दोनों अभियुक्तों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश कर दिया।एनडीपीएस कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद दोनों अभियुक्तों को दोषी माना और 12-12 साल के कठोर कारावास व दो-दो लाख रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं कराने पर अभियुक्तों को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट में 12 गवाहों के बयान हुए।ऐसे अपराधों से समाज का बड़ा हिस्सा मानसिक रोगी हो सकता है : कोर्ट एनडीपीएस के मामले में सजा सुनाते हुए कोर्ट ने अपने फैसले में कड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मादक पदार्थों के उपयोग-उपभोग से युवा पीढ़ी गुमराह होकर आपराधिक प्रवृत्ति की ओर अग्रसर होती है और उनके सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होती है। समुदाय का एक बड़ा हिस्सा न केवल मानसिक रोगी हो सकता है, बल्कि अपराध की प्रवृत्ति बढऩे की पूर्ण संभावना भी रहती है। इन अपराधों पर कठोर नियंत्रण की आवश्यकता है।
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