अगर हम किसी व्यक्ति को नहीं जानते हैं, तो उसके इरादों को भी नहीं जान सकते - न्यायमूर्ति डाॅ. अमित कुमार कड़वासरा
अगर हम किसी व्यक्ति को नहीं जानते हैं, तो उसके इरादों को भी नहीं जान सकते - न्यायमूर्ति डाॅ. अमित कुमार कड़वासरा
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के कार्यकारी अध्यक्ष कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति महोदय द्वारा विद्यालयांे में ट्रांस्फोरमेटिव टयूस्डेज-लीगल लिट्रेसी एंड सेनीटाईजेशन प्रोग्राम के तहत आज नालन्दा पब्लिक सी.सै.स्कूल, की करूणा क्लब इकाई के द्वारा ‘‘स्ट्रैंजर डेंजर-नो-गो-टेल’’ ‘‘अजनबी से सावधान- मना करो, दूर जाओ, बताओ’’ विषयक कार्यक्रम का आयोजन रखा गया। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता न्यायमूर्ति डाॅ. अमित कुमार कड़वासरा न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, बीकानेर ने छात्र/छात्राओं को आज के समय में होने वाले अपराधों की जानकारी विभिन्न प्रकार की कहानियांे एवं किस्सों के माध्यम से देते हुए बताया कि किस प्रकार हम आने वाले खतरों से बच सकते हैं। उन्होने छात्र/छात्राओं को बताया कि जिस प्रकार हम मैदान में खेलने जाते हैं, वहाँ पर हमें हर अनजान से सावधान रहना चाहिए, इसी प्रकार आपके हाथ में जो ये मोबाईल है, इसमे अनजान व्यक्ति आपको बिना जाने पहचाने कई प्रकार के प्रलोभन देकर आपसे बात करने का प्रयास करता है, और वह आपसे ऐसे-ऐसे प्रश्न पूछकर ‘आपसे दोस्ती बढ़ाकर’ आपकी मन की बातों को जानकर आपके अनुरूप कोई योजना बनाकर आपको ठगने का प्रयास करता है। आपको किसी स्काॅलरशिप के नाम पर, आपको विदेश भ्रमण के नाम पर, आपको बिना ब्याज के लोन के नाम पर, कहीं किसी और को नहीं बताने का कहकर, आपको दूर बुलाकर वो आपके साथ कई प्रकार के अत्याचार या आपके विड़ियो बनाकर आपको परेशान कर सकता है। ऐसी स्थिति में जिस प्रकार आपको हमेशा अनजान व्यक्तियों से सावधान रहकर उन्हे मना कर, उनसे दूर रहने का प्रयास करना चाहिए, उसी प्रकार हमें मोबाईल के जरिये अनजान लोगों से भी सावधान रहना चाहिए।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में शाला प्राचार्य राजेश रंगा व डाॅ. अमित कुमार ने वरिष्ठ साहित्यकार लक्ष्मीनारायण रंगा की तस्वीर पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर शाला प्राचार्य राजेश रंगा ने शाला में समय-समय पर बीकानेर न्यायालय द्वारा विधिक सहायता शिविरों के आयोजन के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि ऐसे शिविरों से बच्चों में विधिक जागरूकता के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व का विकास भी होता है।
करूणा क्लब प्रभारी हरिनारायण आचार्य ने बताया कि इस अवसर पर जज साहब द्वारा एक सरप्राईज प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया, जिसमें शाला के समृद्धि पारीक, मानवी आचार्य, लक्ष्य कल्ला, हर्पिता मारू, पूर्वी बिस्सा, केशव राज बोड़ा, आयुष, वंदना पारीक, प्रिया रामावत, कृष्णा हर्ष, स्नेहा भारती, वृन्दा गिरी, कोमल आचार्य, मानवी आचार्य, गोविन्द पुरोहित, रूद्राक्षी शर्मा, शीला छंगाणी, राधिका जोशी, गौरांगी व्यास आदि द्वारा प्रश्नों के सही जवाब देने पर न्यायाधीश महोदय द्वारा इन्हे पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
करूणा क्लब सप्रभारी आशिष रंगा ने बताया कि इस अवसर पर न्यायाधीश महोदय को ओपरना पहनाकर तथा इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार लक्ष्मीनारायण रंगा द्वारा रचित साहित्य भेंट कर न्यायमूर्ति का सम्मान किया गया। इनके साथ न्यायिक कर्मचारी अश्विनी कुमार रंगा, उमेश सुथार तथा धीरज नारायण व्यास भी उपस्थित थे। इस अवसर पर शाला के उमेश सिंह चैहान, नेहा भोजक, हेमलता व्यास आदि ने भी अपने विचार रखे। सभी का आभार अशोक शर्मा ने किया। कार्यक्रम का संचालन भवानी सिंह ने किया।
Join for Latest News
हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ