शहर में सैकड़ों मकान है जर्जर, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा, प्रशासन सो रहा है कुंभकरण की नींद, हादसे के बाद जागेगा
शहर में सैकड़ों मकान है जर्जर, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा, प्रशासन सो रहा है कुंभकरण की नींद, हादसे के बाद जागेगा
बीकानेर। मानसून नजदीक आते ही शहर में एक बार फिर जर्जर मकान हादसे के कारण बने हुए है। दरअसल, बीकानेर शहर में कई पुराने ऐसे मकान है जो जर्जर अवस्था में है, जिनमें कुछ मकानों में लोग रह रहे है तो कुछ खाली पड़े है। ये जर्जर मकान बारिश में ढहकर हादसे के कारण बन सकते है। हालांकि नगर निगम द्वारा बारिश के सीजन से पहले संबंधित मकान मालिक को नोटिस थमाया जाता है, लेकिन यह कार्यवाही मात्र कागजी बनकर रह जाती है। ऐसे में पूर्व में जर्जर मकान के गिरने से शहर में हादसे हो चुके है, इसे ध्यान में रखते हुए बड़ा बाजार हमलों की घाटी के कुछ लोगों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जर्जर मकान की सुध लेने व उसे समय रहते गिराकर जनहानि को टालने की मांग रखी है।
मोहम्मद रंगरेज ने बताया कि वार्ड नंबर 61 हमालों की घाटी बड़ा बाजार के निवासियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर हमालों की घाटी स्तिथ जर्जर मकान को गिराए जाने की मांग की है। रंगरेज ने बताया कि यह मकान काफ़ी जर्जर हालत में है और कई बार आसपास के निवासियों ने ट्रस्ट के संचालक से सुध लेने की गुहार लगाई, लेकिन फिलहाल इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, अब यह जर्जर मकान हादसे का कारण बन सकता है।रंगरेज़ ने बताया कि आसपास मकान, मंदिर, मस्जिद है, इसके अलावा मुख्य रास्ता होने के कारण कोई बड़ी जनहानि हो, प्रशासन समय रहते इस सुरक्षित ढहाकर बड़ी दुर्घटना होने से बचाए, क्योंकि अब बारिश का मौसम है।ज्ञापन देने वालो में समीर, अख्तर चुड़ीगर, कन्हैयालाल, गोपाल, बशीर अहमद, सुल्तान अली, जाबिद अली, इमरान अली, शमशाद अली, शेर मोहम्मद, आदि शामिल थे।
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