डेहरू माता मंदिर भूमि विवाद में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, बीडीए की कार्रवाई पर रोक
डेहरू माता मंदिर भूमि विवाद में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, बीडीए की कार्रवाई पर रोक
खुलासा ऑनलाइन। जैसलमेर हाईवे पर महाराजा गंगासिंह विवि के पास डेहरू माता मंदिर की जमीन पर बीडीए तोड़फोड़ कर अपने कब्जे में नहीं ले सकेगा। हाईकोर्ट ने बीडीए की कार्रवाई पर स्टे दिया है।
जैसलमेर हाईवे पर गंगासिंह विवि के पास पुरोहितों की कुल देवी डेहरू माता का मंदिर है जहां समाज के लोग पूर्जा-अर्चना करते हैं और साधु-संत आश्रम बनाकर रहते हैं। बीडीए ने इस स्थान की जमीन को अपना बताकर डेहरू माता सेवा समिति के पदाधिकारियों को नोटिस जारी किए थे। बीडीए की ओर से जमीन पर अतिक्रमण बताकर तोड़फोड़ की तैयारी की गई थी। मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष पवन पुरोहित बीडीए के विरूद्व जोधपुर हाईकोर्ट गए। वहां उनकी ओर से वीरेन्द्र आचार्य और गौरांगी आचार्य ने पैरवी की। हाईकोर्ट ने स्टे आर्डर जारी कर दिए हैं।
अब बीडीए मंदिर क्षेत्र में किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं कर पाएगा। पूर्व में 10 अक्टूबर, 25 को अनिल कुमार पुरोहित और रमेश कुमार पुरोहित ने कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, बीडीए आयुक्त के खिलाफ स्थाई लोक अदालत में वाद दायर कर स्टे लिया था। लेकिन, बीडीए की ओर से जवाब में बताया गया है कि उसकी जमीन पर अतिक्रमण हो रहे हैं और जमीन एक करोड़ रुपए से ज्यादा की है। समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है। क्षेत्राधिकार के बाहर होने से स्थाई लोक अदालत को सुनवाई का अधिकार नहीं है। तब स्टे खारिज कर दिया गया था और बीडीए ने नोटिस जारी किए थे।
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