बीकानेर: तेज बारिश और ओलावृष्टि, मकान पर गिरी आकाशीय बिजली, 22 लोग बाल-बाल बचे
बीकानेर: तेज बारिश और ओलावृष्टि, मकान पर गिरी आकाशीय बिजली, 22 लोग बाल-बाल बचे
बीकानेर। बीकानेर में रविवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली। शहर और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश हुई, जबकि लूणकरणसर क्षेत्र में अंधड़ के साथ बारिश और ओलावृष्टि भी हुई। बेमौसम बारिश से तापमान में गिरावट आई, वहीं खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका से किसानों की चिंता बढ़ गई।
इसी दौरान लूणकरणसर के चक 263 आरडी में आकाशीय बिजली गिरने से एक मकान की विद्युत फिटिंग और फर्श की टाइलें क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना के समय घर में परिवार के करीब 20 से 22 सदस्य मौजूद थे। सभी को करंट जैसा तेज एहसास हुआ, लेकिन गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई और सभी सुरक्षित बच गए।
मकान पर गिरी बिजली, विद्युत फिटिंग और टाइलें टूटीं
जानकारी के अनुसार, चक 263 आरडी में सोहन दास तेतरवाल के घर पर बारिश के दौरान तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरी। बताया जा रहा है कि बिजली आंगन की छत पर बनी खिड़की के रास्ते घर के अंदर पहुंच गई। इससे मकान की विद्युत फिटिंग को काफी नुकसान पहुंचा और फर्श पर लगी टाइलें टूट गईं। घर में मौजूद सभी सदस्यों को करंट जैसा एहसास हुआ, जिससे परिवार में दहशत फैल गई। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित रहे। घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों में आकाशीय बिजली को लेकर चिंता बनी हुई है।
अंधड़ और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान की आशंका
लूणकरणसर उपखंड क्षेत्र में रविवार शाम तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। इस दौरान कुछ स्थानों पर मटर के दाने के बराबर ओले गिरने की भी जानकारी सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार, ओलावृष्टि कम मात्रा में हुई, लेकिन तेज हवा और बारिश से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। किसानों को डर है कि तेज हवाओं के कारण फसलें गिर सकती हैं, जिससे उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
बारिश से बदला मौसम, किसानों की बढ़ी चिंता
बीकानेर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश और ओलावृष्टि के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। जहां मौसम में बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों के सामने फसलों की सुरक्षा को लेकर चिंता खड़ी हो गई है। अब किसानों की नजर इस बात पर है कि बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का खेतों में खड़ी फसलों पर कितना असर पड़ता है। वास्तविक नुकसान का आकलन होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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