बीकानेर शहर में सुरक्षित नहीं है लड़कियां, दो युवतियों पर युवकों ने मिर्च पाउडर डालकर की मारपीट, शहर में दहशत का माहौल, पुलिस बनी मुकदर्शक
बीकानेर शहर में सुरक्षित नहीं है लड़कियां, दो युवतियों पर युवकों ने मिर्च पाउडर डालकर की मारपीट, शहर में दहशत का माहौल, पुलिस बनी मुकदर्शक
बीकानेर। बीकानेर शहर एक समय छोटी काशी के नाम से जाना जाता था लेकिन आज बीकानेर प्रदेश में अपराध की श्रेणी के टॉप में आने लगा है। आये दिन बदमाशों द्वारा खुले आम दहशत फैलते नजर आते है वीडियों तक वायरल हो रहे है उसके बावजूद भी पुलिस का कोई अंकुश नहीं है। पुलिस की गश्त टीम पूरी तरह से फेल है। गशत होने के बाद चोरियां, बदमाशों का आतंक लगातार फैल रहा है। अब तो बीकानेर शहर में महिलाएं व लड़कियां भी सुरक्षित नहीं है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां कुछ युवकों ने मिलकर दो लड़कियों के साथ सरेआम सडक़ पर मारपीट की है। मजे की बात है पुलिस प्रशासन को इसकी शिकायत करने बाद भी अब तक पुलिस ने कोई कड़ी कार्यवाही नहीं कि है। जानकारी के अनुसार नयाशहर थाना क्षेत्र में दो युवतियों से मारपीट और हमला करने का एक मामला सामने आया है। पीडि़त पक्ष द्वारा पुलिस प्रशासन को दिए गए ज्ञापन के अनुसार, 9 जुलाई 2026 को सुबह करीब 11 से 11:30 बजे के बीच उनकी पुत्रियां चेष्ठा सुथार और उसकी बहन अंजली सुथार लक्ष्मीनाथजी मंदिर में दर्शन कर घर लौट रही थीं। आरोप है कि विश्वकर्मा गेट के पास पहुंचते ही किशन लाल पुत्र रामचंद्र, गौरीशंकर पुत्र किशन लाल, राजा, राहुल तथा उनके अन्य साथियों ने उनकी स्कूटी रुकवाकर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने युवतियों पर मिर्च पाउडर डालते हुए उनके साथ मारपीट की, जिससे दोनों को गंभीर चोटें आईं। इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे हुकमाराम जावा भी कथित रूप से घायल हो गए।पीडि़त परिवार का यह भी आरोप है कि आरोपी पहले से ही उनकी पुत्रियों पर बुरी नजर रखते थे। और पूर्व में भी परिवार को निशाना बना चुके हैं।परिवार के अनुसार आरोपियों ने पहले भी घर पहुंचकर परिवार की महिला सदस्य के साथ मारपीट का प्रयास किया था तथा घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों को दो बार नुकसान पहुंचाया था।परिवार का कहना है कि 10 मई और 23 मई 2026 को हुई घटनाओं के संबंध में भी नया शहर थाने में शिकायत और साक्ष्य उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। पीडि़त पक्ष का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए और 9 जुलाई की घटना सामने आई।
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