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गुरु पूर्णिमा : सैकड़ों शिष्यों ने पहनी कंठी, श्री सरजूदास जी महाराज ने दिया गुरु मंत्र, धर्म व गौसेवा की दी सीख

Bansal sadi
1 month ago
गुरु पूर्णिमा : सैकड़ों शिष्यों ने पहनी कंठी, श्री सरजूदास जी महाराज ने दिया गुरु मंत्र, धर्म व गौसेवा की दी सीख

गुरु पूर्णिमा : सैकड़ों शिष्यों ने पहनी कंठी, श्री सरजूदास जी महाराज ने दिया गुरु मंत्र, धर्म व गौसेवा की दी सीख
बीकानेर। गंगाशहर के सुजानदेसर स्थित रामझरोखा कैलाशधाम में गुरु पूर्णिमा पर दीक्षा महोत्सव का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय संत श्री सरजूदासजी महाराज ने सुबह नर्बदेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक किया। इसके बाद परमहंस परम पूजनीय श्री सियाराम जी महाराज का अभिषेक व चरण वंदना की। परम पूजनीय श्री गुरु महाराज रामदासजी महाराज का पूजन कर पुष्पवर्षा की गई तथा गौशाला में गौपूजन व गौसेवा के कार्य किए गए। इसके बाद शुरू हुआ दीक्षा समारोह जो शाम तक निरन्तर जारी रहा। सैकड़ों महिला-पुरुषों ने रामझरोखा कैलाशधाम के पीठाधीश्वर श्री सरजूदास जी महाराज से कंठी प्राप्त कर गुरु मंत्र सुना व गुरु पूजन किया। दीक्षा महोत्सव में श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय संत श्री सरजूदासजी महाराज ने कहा कि युगों-युगों से गुरु-शिष्य परम्परा चली आ रही है। गुरु पूर्णिमा का दिन शिष्य के लिए तो महत्व रखता ही है साथ ही गुरु को भी गौरवान्वित करने वाला अवसर होता है। उन्होंने कहा कि गुरु : साक्षात परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नम:॥ गुरु को ईश्वर से भी ऊँचा पद दिया गया है। संत कबीरदासजी का भी कहना है हरि रुठे गुरु ठौर है, गुरु रुठे नहीं ठौर। इसलिए हर व्यक्ति को गुरु पूर्णिमा पर अवश्य गुरु के दर्शन व पूजन करने चाहिए। महामंडलेश्वर श्री सरजूदास जी महाराज ने शिष्यों के कान में गुरु मंत्र फूंका व धर्म के मार्ग पर चलने तथा गौसेवा की सीख प्रदान की। इस दौरान आश्रम में प्रसादी का आयोजन भी किया गया।

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