बदलेंगे ड्राइविंग लाइसेंस के नियम, रिन्यू कराने में देरी पड़ेगी भारी, अब ड्राइविंग टेस्ट और आरटीओ की मंजूरी जरूरी
बदलेंगे ड्राइविंग लाइसेंस के नियम, रिन्यू कराने में देरी पड़ेगी भारी, अब ड्राइविंग टेस्ट और आरटीओ की मंजूरी जरूरी
बीकानेर। ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता समाप्त होने के बाद समय पर उसका नवीनीकरण करवाना जरूरी है। यदि आपने कई साल तक लाइसेंस रिन्यू नहीं करवाया तो उसका रिकॉर्ड स्थायी आर्काइव में पहुंच सकता है। इसके बाद लाइसेंस को दोबारा सक्रिय करवाने की प्रक्रिया सामान्य नवीनीकरण से अधिक कठिन हो सकती है।
इसके लिए आरटीओ से रिकॉर्ड का सत्यापन, ड्राइविंग टेस्ट, निर्धारित फीस और राज्य परिवहन आयुक्त की मंजूरी तक लेनी पड़ सकती है।
पुराने, एक्सपायर और डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस के रिकॉर्ड व्यवस्थित करने के लिए केंद्र सरकार ने सारथी पोर्टल पर नया वर्गीकरण मॉडल तैयार किया है। प्रदेश में इसे 1 जनवरी से लागू करने की तैयारी है। परिवहन विभाग ने पोर्टल में आवश्यक बदलाव और टेस्टिंग पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश में ऐसे एक्सपायर और डुप्लीकेट लाइसेंस की संख्या 4 लाख से अधिक है।
डुप्लीकेट लाइसेंस पर भी शिकंजा
एक व्यक्ति के नाम पर एक से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस होने की स्थिति में एएसटीआर आधारित प्रणाली से पहचान की जाएगी। संबंधित व्यक्ति को 30 दिन का समय दिया जाएगा, जिसमें वह तय कर सकेगा कि कौनसा लाइसेंस रिकॉर्ड बरकरार रखना है।
इसके लिए 15 दिन बाद रिमाइंडर भी भेजा जाएगा। निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने पर सबसे हाल में जारी वैध लाइसेंस रिकॉर्ड को बरकरार रखा जाएगा। एक साल से अधिक समय से एक्सपायर लाइसेंस के मामलों में आधार से जुड़े मृत्यु संबंधी रिकॉर्ड का भी सत्यापन किया जाएगा।
एक साल बाद रिन्यूअल के लिए देना होगा ड्राइविंग टेस्ट
यदि किसी व्यक्ति के ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता समाप्त हुए एक साल से अधिक समय हो गया है तो नवीनीकरण के लिए ड्राइविंग टेस्ट देना अनिवार्य होगा।
हालांकि, इसके लिए नया लर्निंग लाइसेंस बनवाने की जरूरत नहीं होगी, लेकिन निर्धारित फीस दोबारा जमा करनी पड़ेगी।
चार श्रेणियों में बांटे जाएंगे ड्राइविंग लाइसेंस
नए वर्गीकरण मॉडल के तहत ड्राइविंग लाइसेंस को चार श्रेणियों में रखा जाएगा।
1. एक्टिव-कम्प्लायंट: इस श्रेणी में वैध और किसी प्रतिबंध से मुक्त ड्राइविंग लाइसेंस रखे जाएंगे।
2. एक्टिव ड्यू रिन्यूअल: 75 साल से कम उम्र के लोगों के दो साल तक एक्सपायर लाइसेंस और 75 साल से अधिक उम्र वालों के एक साल तक एक्सपायर लाइसेंस इस श्रेणी में रहेंगे।
3. टेम्पररी आर्काइव: 75 साल से कम उम्र वालों के दो से चार साल पुराने तथा 75 साल से अधिक उम्र वालों के एक से दो साल पुराने एक्सपायर लाइसेंस इस श्रेणी में रखे जाएंगे।
4. परमानेंट आर्काइव: 75 साल से कम उम्र वालों के चार साल से अधिक और 75 साल से अधिक उम्र वालों के दो साल से अधिक पुराने लाइसेंस इस श्रेणी में जाएंगे। इसके अलावा रद्द किए गए, स्थायी रूप से सरेंडर किए गए और डुप्लीकेट रिकॉर्ड भी इसमें शामिल होंगे।
वाहन चालकों के लिए जरूरी सलाह
ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता समाप्त होने से पहले ही उसका नवीनीकरण करवा लें। पुराने एक्सपायर लाइसेंस को नजरअंदाज करना आगे चलकर परेशानी का कारण बन सकता है।
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