डूंगर कॉलेज में लोकमंथन-2026 के तहत विविध कार्यक्रम आयोजित भारतीय संस्कृति, लोक जीवन एवं लोक कलाओं के महत्व पर हुआ विचार-मंथन
डूंगर कॉलेज में लोकमंथन-2026 के तहत विविध कार्यक्रम आयोजित
भारतीय संस्कृति, लोक जीवन एवं लोक कलाओं के महत्व पर हुआ विचार-मंथन
बीकानेर। बीकानेर संभाग के सबसे बड़े महाविद्यालय राजकीय डूंगर महाविद्यालय में लोकमंथन-2026 के अंतर्गत “हम भारत के लोग” थीम पर भारतीय विचार, संस्कृति, लोक जीवन एवं सामाजिक सहभागिता के राष्ट्र निर्माण में योगदान जैसे समसामयिक विषयों पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम के प्रारंभ में साहित्यिक समिति प्रभारी प्रो. श्यामा अग्रवाल ने लोकमंथन कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह भारत सरकार द्वारा संचालित एक विशिष्ट पहल है, जिसके अंतर्गत “हम भारत के लोग” विषय पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि लोकमंथन का मूल भाव लोगों के बीच विचारों का मंथन और संवाद स्थापित करना है।
इस अवसर पर प्रो. उज्ज्वल गोस्वामी ने “राष्ट्र निर्माण में लोक संस्कृति एवं लोक कलाओं का महत्व” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि भारत के निर्माण और उसकी सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने में लोक संस्कृति की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। लोक संस्कृति को जीवंत बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि लोक कलाएं समाज में समरसता एवं सामूहिकता की भावना को मजबूत करती हैं। युवा पीढ़ी को इन कलाओं के प्रति रुचि विकसित करनी चाहिए, ताकि हमारी समृद्ध लोक परंपराएं विलुप्त होने से बच सकें।
“भारतीय संस्कृति और लोकजीवन” विषय पर विद्यार्थियों के बीच समूह परिचर्चा का आयोजन भी किया गया, जिसमें महाविद्यालय के 100 से अधिक नियमित विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के अंतर्गत राजस्थान की कला, संस्कृति, इतिहास एवं धरोहर पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें पांच टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में युवराज सिंह की टीम ने प्रथम, सिमरन की टीम ने द्वितीय तथा पलक गुरनानी एवं काफिया की टीम ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया।
वहीं, 08 सितंबर को “लोक संस्कृति एवं लोक जीवन” विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में बी.ए. प्रथम सेमेस्टर की एकता ने प्रथम, हर्षिता ने द्वितीय तथा क़ाफिया रंगरेज ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निबंध प्रतियोगिता का संयोजन डॉ. देवेश सहाराण ने किया।
कार्यक्रमों के सफल आयोजन एवं संचालन में साहित्यिक समिति की प्रो. बिंदु भसीन, प्रो. करबी साहा एवं प्रो. मैना निर्वाण ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
महाविद्यालय में आयोजित इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं, कला, इतिहास एवं विरासत से जोड़ने तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय सहभागिता के प्रति जागरूक करने का सार्थक प्रयास किया गया।
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