Khulasa Online
Solar
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश

बीकानेर: डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर कारोबारी से 32 लाख की साइबर ठगी

Solar 2
1 week ago
बीकानेर: डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर कारोबारी से 32 लाख की साइबर ठगी

बीकानेर: डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर कारोबारी से 32 लाख की साइबर ठगी

Solar 4

खुलासा ऑनलाइन, श्रीडूंगरगढ़। श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र में डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर एक कारोबारी से 32 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित सुशील कुमार पेड़ीवाल ने श्रीडूंगरगढ़ पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया है।

पुलिस को दी रिपोर्ट के अनुसार सुशील कुमार का कोलकाता में कपड़ों का कारोबार है और वह फिलहाल श्रीडूंगरगढ़ आया हुआ था। इसी दौरान उसके व्हाट्सऐप पर एक मैसेज आया, जिसमें ठगों ने दावा किया कि केनरा बैंक में उसके नाम से खाता खुला हुआ है और उसमें करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ है। साथ ही उसके खिलाफ वारंट जारी होने और फ्रॉड की शिकायत दर्ज होने की बात कही गई।

इसके बाद ठगों ने व्हाट्सऐप के जरिए मुंबई पुलिस के कथित दस्तावेज, कोर्ट का वारंट, केनरा बैंक के एटीएम की फोटो और बैंक स्टेटमेंट भेजे। लगातार मैसेज और धमकियों के चलते पीड़ित डर गया। ठगों ने उसे घटना के बारे में किसी को नहीं बताने के लिए कहा और कथित तौर पर हाईकोर्ट के आदेश का हवाला दिया।

इसके बाद साइबर ठगों ने पीड़ित से बैंक में जमा एफडी के बारे में जानकारी मांगी। पीड़ित ने 32 लाख रुपये की एफडी होने की जानकारी दे दी। ठगों के कहने पर वह श्रीडूंगरगढ़ स्थित पीएनबी बैंक पहुंचा और उनके बताए खाते में आरटीजीएस के माध्यम से 32 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

बाद में जब पीड़ित ने घटना की जानकारी अपने परिवार को दी तो परिजनों ने उसे साइबर ठगी का शिकार होने की बात बताई। इसके बाद श्रीडूंगरगढ़ पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया गया।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर ठगी के ऐसे मामलों में फर्जी पुलिस अधिकारी, कोर्ट के दस्तावेज और गिरफ्तारी की धमकी देकर पीड़ित पर दबाव बनाने की कोशिश की जाती है।

Solar 3

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: