भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशी तय, दावेदारों को फोन से सूचना, जानें इसके पीछे की बड़ी वजह
भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशी तय, दावेदारों को फोन से सूचना, जानें इसके पीछे की बड़ी वजह
बीकानेर। राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में चुनावी मुकाबला टिकट बांटने से आगे बढ़कर टिकट छिपाने की सियासत तक पहुंच गया है। भाजपा और कांग्रेस ने प्रत्याशी चयन पूरा कर लिया है, लेकिन अधिकृत उम्मीदवारों की सूची सार्वजनिक करने से बच रहे है। वजह टिकट कटने के बाद संभावित बगावत और निर्दलीय प्रत्याशियों की संख्या बढ़ने का डर है। दोनों दलों ने स्थानीय नेताओं को निर्देश दिए हैं कि चयनित दावेदारों को फोन पर सूचना देकर नामांकन कराया जाए और पार्टी का सिंबल सीधे संबंधित एसडीएम कार्यालय में जमा कराया जाए। यानी किसे टिकट मिला, यह आखिरी समय तक सार्वजनिक नहीं होगा। सोमवार 31 अगस्त नामांकन की अंतिम तारीख है। सूत्रों के अनुसार बीकानेर में भी कई प्रत्याशियों को सीधे फोन कर दिया गया है। भाजपा ने प्रत्याशी चयन के साथ बगावत रोकने की रणनीति को प्राथमिकता दी है। पार्टी चयनित उम्मीदवारों की पूरी सूची सार्वजनिक नहीं कर रही। रणनीति यह है कि तय दावेदारों को सीधे फोन पर सूचना देकर नामांकन दाखिल कराया जाए और अंतिम समय में पार्टी का सिंबल संबंधित एसडीएम कार्यालय में जमा कराया जाए। इससे टिकट से वंचित दावेदारों को समर्थकों को लामबंद करने और निर्दलीय नामांकन दाखिल करने का समय नहीं मिलेगा।
पार्टी में संभावित नाराज दावेदारों को मनाने की कवायद जोरशोर से चल रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता उनसे संपर्क साध कर मनाने का प्रयास कर रहे हैं। जहां असंतोष ज्यादा है, वहां स्थानीय समीकरणों के हिसाब से डैमेज कंट्रोल किया जा रहा है। नामांकन की अंतिम तारीख को देखते हुए पार्टी की रणनीति कम समय में टिकट तय कर सीधे सिंबल देने पर टिकी है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि जिन संभागों की टिकटों को लेकर बैठक हो चुकी है, उन निकायों के वार्डों के सिंबल के लिए संबंधित प्रभारियों को अधिकृत कर दिया गया है। उनके स्तर पर प्रत्याशियों की सूची से लेकर नामांकन प्रक्रिया तक हर चीज की निगरानी होगी।
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