बीकानेर ने 200वीं बार उठाई हाईकोर्ट बेंच की आवाज-अब आश्वासन नहीं, चाहिए ठोस निर्णय
बीकानेर ने 200वीं बार उठाई हाईकोर्ट बेंच की आवाज-अब आश्वासन नहीं, चाहिए ठोस निर्णय
बीकानेर, 17 अगस्त 2026। बीकानेर संभाग मुख्यालय पर राजस्थान उच्च न्यायालय की स्थाई खंडपीठ स्थापित करने की मांग को लेकर बार एसोसिएशन बीकानेर द्वारा आज 200वां ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। बार एसोसिएशन द्वारा यह ज्ञापन महामहिम राज्यपाल राजस्थान को जिला कलेक्टर, बीकानेर के माध्यम से तथा माननीय मुख्य न्यायाधिपति, राजस्थान उच्च न्यायालय को जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बीकानेर के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर बार एसोसिएशन बीकानेर का प्रतिनिधिमंडल अतिरिक्त जिला कलेक्टर नगर बीकानेर एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बीकानेर से मिला तथा बीकानेर संभाग में राजस्थान उच्च न्यायालय की स्थाई खंडपीठ स्थापित करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में सचिव हेमन्त सिंह चौहान, उपाध्यक्ष रक्षपाल विश्नोई, लेखराम धत्तरवाल, धर्मेन्द्र वर्मा, सहायक सचिव गणेश टाक, अधिवक्ता सुरेंद्र पाल शर्मा, योगेन्द्र पुरोहित, कुन्दन व्यास, ओम प्रकाश हर्ष, पवन पुरोहित, अनिल पुरोहित, मनिराम विश्नोई, नरेन्द्र विश्नोई, नवनीत सैन, मिलाप धत्तरवाल, भंवर विश्नोई, तोलाराम भादु, संदिप जोशी, पवन कुमार व्यास, रामनिवास बिश्नोई, अनिल विश्नोई, मनीषा आर्य, दिपा खत्री सहित अन्य अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
बार एसोसिएशन के अनुसार, यह मांग वर्षों से लगातार उठाई जा रही है। वर्ष 2009 में भी इस मांग को लेकर बीकानेर के अधिवक्ताओं द्वारा 125 दिनों तक न्यायिक कार्य स्थगित रखकर आंदोलन किया गया था। इसके बावजूद आज यह मांग 200वें ज्ञापन तक पहुंच गई है।
अजय कुमार पुरोहित, अध्यक्ष बार एसोसिएशन बीकानेर ने कहा -
“आज का 200वां ज्ञापन केवल एक संख्या नहीं, बल्कि बीकानेर संभाग की वर्षों पुरानी न्यायोचित मांग और उसके लिए लगातार किए जा रहे संघर्ष का दस्तावेज है। हम अब तक पूरी लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करते हुए सरकार एवं संबंधित संवैधानिक संस्थाओं के समक्ष अपनी बात रखते आए हैं। 200 ज्ञापन दिए जाने के बाद भी यदि बीकानेर की हाईकोर्ट बेंच की मांग अभी तक अपने मुकाम तक नहीं पहुंच पाई है, तो यह स्वाभाविक प्रश्न है कि बीकानेर को अपनी न्यायोचित मांग के लिए आखिर कितनी बार अपनी आवाज दोहरानी पड़ेगी। अब आवश्यकता ज्ञापनों की संख्या बढ़ाने की नहीं, बल्कि इस मांग पर ठोस एवं सकारात्मक निर्णय लेने की है।”
“बीकानेर संभाग के नागरिकों को उच्च न्यायालय में न्याय प्राप्त करने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। सस्ता, सुलभ एवं शीघ्र न्याय तभी वास्तविक अर्थों में सुनिश्चित किया जा सकता है, जब न्यायिक व्यवस्था आमजन की पहुंच के अधिक निकट हो। हम सरकार एवं न्यायिक संस्थाओं का पूरा सम्मान करते हैं और इसी संवैधानिक मर्यादा के साथ अपनी मांग को मजबूती से रखते आए हैं। हमारी अपेक्षा है कि 200वां ज्ञापन इस संघर्ष का केवल एक और पड़ाव बनकर न रह जाए, बल्कि बीकानेर में स्थाई हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की दिशा में निर्णायक पहल का आधार बने।”
“यदि इसके बावजूद इस न्यायोचित मांग पर अपेक्षित गंभीरता से विचार नहीं किया जाता है, तो बार एसोसिएशन बीकानेर संभाग स्तर पर अधिवक्ताओं एवं अन्य संबंधित पक्षों की बैठक आयोजित कर आगामी आंदोलन की रणनीति तय करेगी। आवश्यकता पड़ने पर बीकानेर संभाग के स्तर पर आंदोलन को और व्यापक एवं प्रभावी रूप दिया जाएगा। हमारा प्रयास सदैव लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक रहा है और आगे भी रहेगा, लेकिन 200 ज्ञापनों के बाद अब हमारी अपेक्षा स्पष्ट हैकृबीकानेर की आवाज को सुना जाए और हाईकोर्ट बेंच की मांग पर ठोस निर्णय लिया जाए।”
हेमंत सिंह चौहान, सचिव बार एसोसिएशन बीकानेर ने कहा -
“बार एसोसिएशन बीकानेर लंबे समय से इस मांग को लेकर लगातार प्रयासरत है। प्रत्येक माह की 17 तारीख को प्रोटेस्ट-डे के माध्यम से इस मांग को जीवित रखा जा रहा है। आज 200वां ज्ञापन सौंपकर हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि बीकानेर संभाग की यह मांग न तो समाप्त हुई है और न ही इसे भुलाया गया है। 200 ज्ञापन दिए जा चुके हैं, अब आवश्यकता ज्ञापन की संख्या बढ़ाने की नहीं, बल्कि मांग पर ठोस निर्णय लेने की है। हमें उम्मीद है कि संबंधित स्तर पर इस बार इस मांग को गंभीरता से लेते हुए ठोस एवं सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी। बीकानेर को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि हाईकोर्ट की स्थाई खंडपीठ की दिशा में स्पष्ट निर्णय और कार्रवाई चाहिए।”
बार एसोसिएशन ने अपने ज्ञापन में बताया कि बीकानेर रियासतकाल में वर्ष 1922 से 1949 तक बीकानेर में उच्च न्यायालय रहा था तथा उसका ऐतिहासिक भवन आज भी मौजूद है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि बीकानेर संभाग के दूरस्थ क्षेत्रों से उच्च न्यायालय तक पहुंचने में आमजन को लगभग 500 किलोमीटर तक की यात्रा करनी पड़ती है, जिससे समय एवं आर्थिक भार बढ़ता है।
बार एसोसिएशन बीकानेर ने राज्य सरकार, महामहिम राज्यपाल एवं राजस्थान उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधिपति से मांग की कि बीकानेर संभाग मुख्यालय पर राजस्थान उच्च न्यायालय की स्थाई खंडपीठ की स्थापना की प्रक्रिया को शीघ्र आगे बढ़ाया जाए, ताकि संभाग के नागरिकों को सस्ता, सुलभ एवं शीघ्र न्याय प्राप्त हो सके। ज्ञापन में राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 51(3) के अंतर्गत आवश्यक कार्रवाई किए जाने का अनुरोध भी किया गया है।
Join for Latest News
हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ