बीकानेर नगर निगम की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में, ठेकेदारों ने जेईएन से की हाथापाई
बीकानेर नगर निगम की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में, ठेकेदारों ने जेईएन से की हाथापाई
बीकानेर। नगर निगम में नए आयुक्त के सख्त फैसलों ने विकास की रफ्तार रोकने के साथ-साथ अब हिंसक टकराव की स्थिति पैदा कर दी है। आयुक्त द्वारा वार्षिक दर अनुबंध (एआरसी) के तहत नए कामों पर तत्काल रोक लगाने से शहर के 80 में से करीब 70 वार्डों में काम पूरी तरह ठप हैं। इस प्रशासनिक खींचतान का नतीजा सोमवार सुबह निर्माण शाखा में जेईएन के साथ हुई हाथापाई के रूप में सामने आया।
दरअसल, ठेकेदार पुराने भुगतान न होने और नए टेंडर न लगने से आक्रोशित हैं। सोमवार सुबह भुगतान की मांग को लेकर एक निवर्तमान पार्षद और ठेकेदार ने ड्यूटी पर तैनात जेईएन के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। मौके पर मौजूद मंत्रालयिक कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया, तनाव व्याप्त है।
अभी केवल 8-10 वार्डों में पुराने काम चल रहे हैं। इंजीनियर्स पर एआरसी के जरिए काम करवाने का दोहरा दबाव है, क्योंकि सिर पर मानसून खड़ा है। अगले माह प्री-मानसून की बारिश शुरू होनी है, लेकिन बजट और आदेशों के अभाव में नालों की सफाई और सडक़ मरम्मत के कार्य रुके हुए हैं। यदि प्रशासन ने भुगतान और नए टेंडरों पर रुख स्पष्ट नहीं किया, तो आगामी बारिश में शहर के हालात बदतर होने तय हैं।
देशनोक पर मेहरबानी और शहर बदहाल, बढ़ रहा जनाक्रोश
बीकानेर नगर निगम की कार्यप्रणाली इन दिनों सवालों के घेरे में है। एक ओर शहर के 80 में से 70 वार्ड बजट के अभाव में बदहाली झेल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर निगम ने देशनोक में 11 लाख रुपए खर्च कर दिए हैं। शहर के मात्र 10 वार्डों में ही काम चालू होने के कारण स्थानीय निवासियों और निवर्तमान पार्षदों में भारी रोष है।
स्थिति यह है कि आगामी निकाय चुनाव के लिए अपनी जमीन तैयार कर रहे भावी दावेदारों के सामने संकट खड़ा हो गया है
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