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MNRE के निर्णय से सोलर उद्योग को मिली बड़ी राहत, लोकतांत्रिक संवाद की हुई जीत: सोलर संगठन

rk
22 hours ago
MNRE के निर्णय से सोलर उद्योग को मिली बड़ी राहत, लोकतांत्रिक संवाद की हुई जीत: सोलर संगठन
MNRE के निर्णय से सोलर उद्योग को मिली बड़ी राहत, लोकतांत्रिक संवाद की हुई जीत: सोलर संगठन
 
नई दिल्ली/बीकानेर। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा जारी नवीनतम सर्कुलर का सोलर उद्योग ने स्वागत किया है। सोलर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद सिंधावा एवं राष्ट्रीय महासचिव डॉ. शरद दत्ता आचार्य ने संयुक्त रूप से प्रेस को जारी बयान में कहा कि यह निर्णय केवल एक प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में उद्योग की आवाज़ को मिले सम्मान का प्रमाण है।
 
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों से भारतीय सोलर उद्योग अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा था। अमेरिका–ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई, जिससे कच्चे माल, मॉड्यूल और अन्य उपकरणों की कीमतों में लगातार वृद्धि हुई। वहीं DCR मॉड्यूल और सेल की सीमित उपलब्धता के कारण बाजार में स्टॉक की कमी उत्पन्न हो गई। इसका सीधा असर देशभर में सोलर परियोजनाओं पर पड़ा और अनेक प्रोजेक्ट धीमी गति से चलने लगे।
 
अरविंद सिंधावा एवं डॉ. शरद दत्ता आचार्य ने बताया कि इन परिस्थितियों को देखते हुए सोलर संगठन ने मंत्रालय के समक्ष उद्योग की वास्तविक स्थिति को तथ्यों के साथ रखा। संगठन के प्रतिनिधियों ने नई दिल्ली में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर यह आग्रह किया कि वर्तमान परिस्थितियों में उद्योग को नई व्यवस्था के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए कम से कम छह माह का समय दिया जाना चाहिए।
 
उन्होंने कहा कि यह प्रयास केवल एक बैठक तक सीमित नहीं रहा। इसके बाद संगठन ने लगातार ज्ञापन, पत्राचार, ई-मेल और अन्य माध्यमों से मंत्रालय के साथ संवाद जारी रखा। संगठन ने यह स्पष्ट किया कि यह विषय केवल व्यापारिक हितों का नहीं, बल्कि लाखों उपभोक्ताओं, हजारों सोलर उद्यमियों, निवेशकों तथा इस क्षेत्र से जुड़े लाखों लोगों के रोजगार और देश के स्वच्छ ऊर्जा मिशन से जुड़ा हुआ है।
 
प्रेस बयान में दोनों पदाधिकारियों ने कहा कि सोलर संगठन ने पूरे अभियान के दौरान हमेशा लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक मर्यादाओं का पालन किया। संगठन ने किसी प्रकार के टकराव के बजाय सकारात्मक संवाद और तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखी। यही कारण है कि मंत्रालय ने उद्योग की चिंताओं को गंभीरता से सुना और व्यावहारिक निर्णय लिया।
 
उन्होंने केंद्र सरकार, माननीय केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय सरकार की संवेदनशील कार्यशैली और उद्योग के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है। इससे सोलर परियोजनाओं को नई गति मिलेगी, बाजार में स्थिरता आएगी तथा उद्योग को वर्तमान चुनौतियों से उबरने में सहायता मिलेगी।
 
अरविंद सिंधावा एवं डॉ. शरद दत्ता आचार्य ने कहा कि यह केवल सोलर संगठन की सफलता नहीं, बल्कि पूरे भारतीय सोलर उद्योग की सामूहिक जीत है। यह निर्णय इस बात का भी प्रमाण है कि लोकतंत्र में यदि किसी विषय को तथ्यों, शालीनता और जनहित के साथ सरकार के समक्ष रखा जाए तो उसका सकारात्मक समाधान अवश्य निकलता है।
 
उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस निर्णय से देशभर में रुकी हुई परियोजनाओं को गति मिलेगी, निवेश का माहौल बेहतर होगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और भारत का स्वच्छ ऊर्जा अभियान पहले से अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ेगा।

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