Khulasa Online
TM Jewellers
Bansal sadi
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bharti

बडी खबर: अब 14 किलो के सिलेंडर में 10 किलो घरेलू गैस देने की तैयारी,युद्ध के चलते तेल कंपनियों का स्टॉक बचाने का प्लान

rk
3 months ago
बडी खबर: अब 14 किलो के सिलेंडर में 10 किलो घरेलू गैस देने की तैयारी,युद्ध के चलते तेल कंपनियों का स्टॉक बचाने का प्लान


बडी खबर: अब 14 किलो के सिलेंडर में 10 किलो घरेलू गैस देने की तैयारी,युद्ध के चलते तेल कंपनियों का स्टॉक बचाने का प्लान
नई दिल्ली सरकारी तेल कंपनियां अब घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो के  गैस सिलेंडर में 10 किलो गैस भरकर देने की तैयारी कर रही है। इसका मकसद लिमिटेड स्टॉक को ज्यादा से ज्यादा परिवारों तक पहुंचाना है। इसके साथ ही सिलेंडर के दाम भी कम किए जा सकते हैं।
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, तेल कंपनियों का मानना है कि 14.2 किलो का सिलेंडर औसतन 35 से 40 दिन चलता है। अगर इसमें सिर्फ 10 किलो गैस भरी जाए, तो एक परिवार का काम लगभग एक महीने तक चल जाएगा। इससे जो गैस बचेगी, उसे उन घरों तक पहुंचाया जा सकेगा जहां किल्लत है।
मिडिल-ईस्ट जंग से रुक्कत्र गैस की किल्लत बढ़ सकती है
तेल कंपनियों के पास अब ज्यादा रास्ते नहीं बचे हैं, क्योंकि खाड़ी देशों (मिडिल-ईस्ट) से गैस की नई खेप भारत नहीं आ पा रही है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग के कारण हालात बिगड़ गए हैं। हाल ही में ईरान ने वहां के एनर्जी प्लांट्स पर मिसाइल हमले किए, जिससे गैस उत्पादन को नुकसान हुआ है।
इसके अलावा, होर्मुज रूट भी बंद है, जहां से गैस के जहाज भारत आते हैं। इससे आने वाले दिनों में भारत में रुक्कत्र की किल्लत और ज्यादा बढ़ सकती है। इसी संकट को देखते हुए तेल कंपनियों ने सिलेंडर में गैस कम करने का फैसला लेने का प्लान बना रही है।
सिलेंडर के दाम भी घटेंगे, पहचान के लिए स्टिकर लगेगा
अगर यह योजना लागू होती है, तो सिलेंडर की कीमतें भी उसी अनुपात में कम की जाएंगी। अभी दिल्ली में 14.2 किलो के सिलेंडर की कीमत ₹913 और मुंबई में ₹912.50 है। 10 किलो गैस मिलने पर ग्राहकों को कम पैसे चुकाने होंगे। पहचान के लिए इन सिलेंडरों पर एक नया स्टिकर लगाया जाएगा, जिस पर गैस की सही मात्रा लिखी होगी।
बॉटलिंग प्लांट्स में होगा बदलाव: सिस्टम रीकैलिब्रेट करने की जरूरत
इस बदलाव को लागू करना इतना आसान भी नहीं है। बॉटलिंग प्लांट्स को अपने वजन करने वाले सिस्टम को फिर से सेट करना होगा। साथ ही इसके लिए कई रेगुलेटरी मंजूरियों की भी जरूरत पड़ेगी। अधिकारियों को डर है कि अचानक इस बदलाव से लोगों में भ्रम और विरोध की स्थिति पैदा हो सकती है, खासकर तब जब कुछ राज्यों में चुनाव नजदीक हैं।
सप्लाई की स्थिति चिंताजनक: 6 टैंकर फारस की खाड़ी में फंसे
पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने पिछले हफ्ते कई बार कहा कि रुक्कत्र की सप्लाई 'चिंताजनक' है और इसे बचाना जरूरी है। भारत अपनी जरूरत की 60त्न एलपीजी इम्पोर्ट करता है, जिसमें से 90त्न हिस्सा खाड़ी देशों से आता था।
पिछले हफ्ते होर्मुज रूट से दो जहाज भारत आए, जिनमें सिर्फ एक दिन की खपत जितनी गैस थी। फिलहाल भारत के 6 गैस टैंकर फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं और रास्ता खुलने का इंतजार कर रहे हैं।

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: