Khulasa Online
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bharti

भक्तामर स्तोत्र अनुष्ठान का हुआ आयोजन, आध्यात्मिक ऊर्जा से अभिभूत हुए श्रावक-श्राविकाएं

6 hours ago
भक्तामर स्तोत्र अनुष्ठान का हुआ आयोजन, आध्यात्मिक ऊर्जा से अभिभूत हुए श्रावक-श्राविकाएं

भक्तामर स्तोत्र अनुष्ठान का हुआ आयोजन, आध्यात्मिक ऊर्जा से अभिभूत हुए श्रावक-श्राविकाएं

बीकानेर। रामपुरिया हवेलियों के पास स्थित तुलसी साधना केंद्र में शासनश्री साध्वीश्री मंजुप्रभा जी के सान्निध्य में भक्तामर स्त्रोत्र का सामुहिक रूप से अनुष्ठान करवाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत साध्वी मंजुप्रभाजी ने आादिनाथ भगवान की स्तुति से की। इस महान अनुष्ठान में अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक ऊर्जा से अपने आपको अभिभूत किया। साध्वीश्री ने लयबद्ध भक्तामर पाठ के साथ विशेष रिद्धि मंत्र, सिद्धि मंत्र का जप करवाकर सकारात्मक ऊर्जा सम्प्रेषित की। साध्वीश्री गुरुयशा जी ने भक्तामर स्तोत्र की महत्ता के बारे में बताते हुए कहा- भक्त और भगवान के तादात्मय भाव का नाम ही भक्ति है। भक्ति में अद्भूत शक्ति है। शक्ति प्राप्त करने के लिए के लिए भक्ति नहीं होती। शक्ति स्वत: प्रस्फुटित हो जाती है। इसकी महिमा अकथनीय है। भक्त को अभय बनाने का अपार सामर्थ्य भक्तामर पाठ में है। इसका प्रतिदिन पाठ करने से भीतर के रसायन बदल जाते हैं। शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक संकट समाप्त हो जाते है। प्रात:काल इस स्तोत्र का स्मरण करना चाहिए।

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: