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बैक कैशियर पर लगा ग्राहक की जमा राशि गबन करने का आरोप, शाखा प्रबंधक ने दर्ज करवाई रिपोर्ट

rk
7 hours ago
बैक कैशियर पर लगा ग्राहक की जमा राशि गबन करने का आरोप, शाखा प्रबंधक ने दर्ज करवाई रिपोर्ट


बैक कैशियर पर लगा ग्राहक की जमा राशि गबन करने का आरोप, शाखा प्रबंधक ने दर्ज करवाई रिपोर्ट
 बीकानेर।  नोखा कस्बे स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की पीपली चौक शाखा में कार्यरत एक कैशियर के खिलाफ ग्राहक की जमा राशि में कथित हेराफेरी कर एक लाख रुपये का आपराधिक दुर्विनियोग करने का मामला सामने आया है। शाखा प्रबंधक की रिपोर्ट पर नोखा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, भारतीय स्टेट बैंक पीपली चौक शाखा के शाखा प्रबंधक शरद गांधी ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि बैंक के कैशियर अविनाश वर्मा ने बैंक में जमा कराई गई नकदी में कपटपूर्वक हेराफेरी कर एक लाख रुपये अपने पास रख लिए।
रिपोर्ट में बताया गया है कि 10 अप्रैल को ग्राहक अनिल लखारा अपने भाई मनोज लखारा के बचत खाते में नकद राशि जमा कराने बैंक पहुंचे थे। उनके पास कुल दो लाख 96 हजार रुपये की नकदी थी, लेकिन जमा पर्ची पर भूलवश एक लाख 96 हजार रुपये अंकित हो गए। आरोप है कि कैशियर अविनाश वर्मा ने ग्राहक की इस गलती का फायदा उठाते हुए अतिरिक्त एक लाख रुपये बैंक रिकॉर्ड अथवा संबंधित खाते में जमा नहीं किए और कथित रूप से अपने पास रख लिए।
शिकायत के अनुसार, बैंक कैशियर होने के नाते उसके पास ग्राहकों द्वारा जमा कराई गई राशि विधिक रूप से सुपुर्द थी, लेकिन उसने अतिरिक्त एक लाख रुपये न तो बैंक की कैश बैलेंस बुक में दर्ज किए और न ही ग्राहक के खाते में जमा किए। बैंक का आरोप है कि यह कृत्य बैंक के साथ विश्वासघात तथा आपराधिक दुर्विनियोग की श्रेणी में आता है।
मामले की जानकारी मिलने पर बैंक प्रबंधन ने 15 अप्रैल को आंतरिक जांच शुरू करवाई। जांच के दौरान बैंक के सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की गई। शिकायत में दावा किया गया है कि फुटेज में कैशियर ग्राहक से 500-500 रुपये के छह पैकेट प्राप्त करता दिखाई दिया, जिनमें से कथित रूप से दो पैकेट (कुल एक लाख रुपये) उसने गिनती के दौरान चतुराई से कैश ड्रॉअर में अलग छिपा दिए और उन्हें बैंक के रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया।
रिपोर्ट के अनुसार, जब आंतरिक जांच के दौरान परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर कैशियर से पूछताछ की गई तो उसने 18 अप्रैल को कथित रूप से वह एक लाख रुपये बैंक में जमा करा दिए। हालांकि बैंक प्रबंधन का कहना है कि बाद में राशि जमा कर देने से पहले किए गए कथित अपराध की गंभीरता समाप्त नहीं हो जाती। शाखा प्रबंधक ने पुलिस से मांग की है कि आरोपी कैशियर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर उसे कठोर दंड दिलाया जाए।
नोखा पुलिस ने शाखा प्रबंधक शरद गांधी की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। प्रकरण की जांच थानाधिकारी अरविंद कुमार द्वारा की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी तथ्यों एवं उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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