अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा भगवान भरोसे ,टोल पर संसाधनों के अभाव में दम तोड़ रहीं जिंदगियां
अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा भगवान भरोसे ,टोल पर संसाधनों के अभाव में दम तोड़ रहीं जिंदगियां
रेस्क्यू उपकरण, आधुनिक एम्बुलेंस व प्रशिक्षित टीम का अभाव,
महेश देरासरी
महाजन। अमृतसर-जामनगर भारतमाला एक्सप्रेसवे पर स्थित जैतपुर टोल प्लाजा पर दुर्घटना राहत एवं बचाव व्यवस्था की बदहाल स्थिति अब लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। हाईवे पर लगातार हो रहे सडक़ हादसों के बावजूद टोल प्रबंधन के पास न तो आधुनिक रेस्क्यू उपकरण हैं और न ही प्रशिक्षित आपदा राहत दल। ऐसे में दुर्घटना के बाद राहत कार्य में होने वाली देरी कई बार घायलों के लिए जानलेवा साबित हो रही है।
इस गंभीर लापरवाही की ताजा तस्वीर 4 जुलाई की देर रात जैतपुर के समीप सामने आई, जहां ट्रक और कंटेनर की भीषण भिड़ंत में कंटेनर चालक वाहन के केबिन में बुरी तरह फंस गया। सूचना मिलते ही टोल कर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन उनके पास वाहन काटने के लिए हाइड्रोलिक कटर या अन्य आवश्यक रेस्क्यू उपकरण नहीं थे। आखिरकार पुलिस को अपने स्तर पर कटर मशीन और अन्य संसाधनों की व्यवस्था करनी पड़ी।
महाजन थानाधिकारी भजनलाल लावा ने बताया की करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद चालक को बाहर निकाला जा सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मौके पर अत्याधुनिक रेस्क्यू उपकरण और प्रशिक्षित टीम उपलब्ध होती तो चालक की जान बचाई जा सकती थी।प्रतिदिन हजारों वाहनों की आवाजाही और लाखों रुपये के टोल राजस्व के बावजूद टोल प्लाजा पर दुर्घटना राहत के बुनियादी संसाधनों का अभाव कई सवाल खड़े करता है। हादसे के बाद शुरुआती 'गोल्डन ऑवर' में समय पर राहत नहीं मिलने से घायलों की स्थिति लगातार गंभीर होती जाती है।
स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण हृ॥्रढ्ढ से टोल प्लाजा पर आधुनिक एम्बुलेंस, हाइड्रोलिक रेस्क्यू मशीन, कटर मशीन, क्रेन और प्रशिक्षित आपदा राहत दल की स्थायी तैनाती की मांग की है, ताकि भविष्य में हादसों के दौरान समय पर राहत पहुंचाकर अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकें।
लाखों की कमाई, लेकिन सुरक्षा संसाधन नदारद-:
अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे के जामनगर टोल से प्रतिदिन लाखों रुपये का राजस्व वसूला जाता है, लेकिन दुर्घटना राहत के लिए आवश्यक हाइड्रोलिक कटर, रेस्क्यू टूल्स और अन्य उपकरण उपलब्ध नहीं हैं। इसका खामियाजा सीधे वाहन चालकों और यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।
पुलिस के भरोसे चलता है राहत कार्य-:
हर बड़े हादसे में महाजन पुलिस को अपने स्तर पर रेस्क्यू उपकरण जुटाने पड़ते हैं। उपकरण उपलब्ध कराने और घटनास्थल तक पहुंचने में लगने वाले समय के कारण राहत कार्य प्रभावित होता है और कई बार घायल समय पर उपचार नहीं मिलने से दम तोड़ देते हैं।
टोल पर प्रभावी रेस्क्यू सिस्टम का अभाव-:
टोल प्लाजा पर हाइड्रोलिक कटर, क्रेन, आधुनिक रेस्क्यू टूल्स और प्रशिक्षित बचाव दल की व्यवस्था नहीं है। उपलब्ध एम्बुलेंस में भी आधुनिक जीवनरक्षक सुविधाओं और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ का अभाव बताया जा रहा है।
वाहन चालकों में बढ़ रहा आक्रोश-:
हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालक और स्थानीय लोग सुरक्षा इंतजामों की कमी पर नाराजगी जता रहे हैं। उनका कहना है कि टोल वसूली के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है।
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