13 साल की बच्ची से गैंगरेप के विरोध में एसपी ऑफिस का घेराव कर प्रदर्शन किया
13 साल की बच्ची से गैंगरेप के विरोध में एसपी ऑफिस का घेराव कर प्रदर्शन किया
श्रीगंगानगर। श्रीगंगानगर शहर में 13 साल की नाबालिग बच्ची से होटल में गैंगरेप के मामले को लेकर शुक्रवार को भारतीय ट्रेड यूनियन (सीटू) के बैनर तले लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एसपी कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी की और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शन को देखते हुए एसपी ऑफिस के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
होटलों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती
प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ एडवोकेट चरणदास कंबोज ने कहा- पिछले पांच साल का रिकॉर्ड उठाकर देखा जाए तो पॉक्सो के कई मामलों में होटलों का नाम सामने आया है, लेकिन पुलिस ने आज तक किसी होटल के खिलाफ कार्रवाई नहीं की।इन होटलों में हमारी बहन-बेटियां और युवक जाते हैं, लेकिन इन पर नकेल कसने वाला कोई नहीं है। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस स्थिति पर पुलिस को शर्म आनी चाहिए।
कंबोज ने आरोप लगाया कि इस मामले में छोटे आरोपियों को तो गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन जिन तीन होटलों में घटना से जुड़े तथ्य सामने आए, उनके प्रबंधकों और कथित रूप से शामिल बड़े लोगों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि इस जघन्य कांड में बड़े लोगों की भूमिका की आशंका है और उन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे लोगों को भी तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
नशे के कारोबार पर भी उठाए सवाल
सीटू नेताओं ने शहर में बढ़ते नशे के कारोबार पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले ही नशे की ओवरडोज से 13 साल के एक लडक़े की मौत हुई है। उनका आरोप था कि शहर में नशे का कारोबार खुलेआम चल रहा है और यह पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। उन्होंने नशा कारोबारियों के साथ-साथ उनसे जुड़े पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की।
150 से ज्यादा होटलों और कोचिंग सेंटरों की जांच की मांग
प्रदर्शनकारियों ने शहर में करीब 150 होटलों के संचालन पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि श्रीगंगानगर न तो कोई बड़ा पर्यटन स्थल है और न ही बड़ा व्यापारिक केंद्र, फिर भी इतने होटल क्यों चल रहे हैं। उन्होंने सभी होटलों के रजिस्ट्रेशन और संचालन की जांच कराने की मांग की।
इसी के साथ शहर में बड़ी संख्या में संचालित हो रहे कोचिंग सेंटरों, साइबर कैफे और सोशल मीडिया के जरिए होने वाली कथित अनैतिक गतिविधियों की भी जांच की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना का हवाला देते हुए कहा कि अगर समय रहते जांच नहीं हुई तो यहां भी बड़ा हादसा हो सकता है।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा तेज
प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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