चिंकारा हिरण के शव को लेकर हुए विवाद में न्यायलय ने 10 वन्य जीव प्रेमियों पर मामला दर्ज
चिंकारा हिरण के शव को लेकर हुए विवाद में न्यायलय ने 10 वन्य जीव प्रेमियों पर मामला दर्ज
लूणकरणसर। लूणकरनसर में बीते माह चिंकारा हिरण के शव को लेकर हुए विवाद के मामले में अब न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने 10 नामजद आरोपियों सहित 10-15 अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला राजकीय कार्य में बाधा डालने, सरकारी संपत्ति को जबरन कब्जे से छुड़ाने, साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने और सरकारी कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की करने से जुड़ा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्षेत्रीय वन अधिकारी मोहनी ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, लूणकरनसर कोर्ट में इस्तगासा पेश किया था। कोर्ट के आदेश के बाद लूणकरनसर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।
परिवाद के अनुसार, पांच अगस्त दोपहर करीब 1:30 बजे सूचना मिली कि विश्वकर्मा मार्केट, लूणकरनसर के पास एक चिंकारा हिरण घायल अवस्था में पड़ा है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, जहां चिंकारा मृत मिला। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मौके पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को राजकीय कब्जे में लिया गया और पोस्टमार्टम के लिए रेंज कार्यालय ले जाने की तैयारी की गई।
आरोप है कि इसी दौरान नरेश कुमार, रिंकू गोदारा, मोनू लालप, प्रेम कुमार विश्नोई, भजनलाल विश्नोई, नरेश विश्नोई उर्फ नरेन्द्र, प्रेमनाथ, प्रेम विश्नोई, राजू कायल, राकेश मुण्ड सहित 10-15 अन्य लोग मौके पर पहुंचे और सरकारी कब्जे से चिंकारा के शव को जबरन छीन लिया। आरोपियों ने मौके पर ही पोस्टमार्टम कराने की मांग करते हुए वन विभाग की कार्रवाई का विरोध किया।
परिवाद में बताया गया है कि सूचना मिलने पर क्षेत्रीय वन अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचीं। पुलिस प्रशासन ने प्रथम श्रेणी राजकीय पशु चिकित्सालय, लूणकरनसर से मेडिकल बोर्ड बुलाकर मौके पर पोस्टमार्टम कराने की व्यवस्था भी की, लेकिन इससे पहले ही आरोपी चिंकारा के शव को बिना नंबर प्लेट की एक पिकअप में डालकर बीकानेर की ओर रवाना हो गए।वन विभाग का आरोप है कि सुरनाणा फांटे के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-62 पर आरोपियों ने वन विभाग की टीम तथा मौके पर मौजूद हरीराम सांसी निवासी उदाणा के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट का प्रयास किया तथा शव का पोस्टमार्टम नहीं होने दिया। इससे न केवल राजकीय कार्य में बाधा उत्पन्न हुई बल्कि साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर उन्हें नष्ट करने का प्रयास भी किया गया।कोर्ट के निर्देश पर अब लूणकरनसर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच थानाधिकारी हरपाल सिंह को सौंपी गई है।
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