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राजकार्य और मारपीट से जुडे दस वर्ष पुराने मामले में आया फैसला, संदेह के लाभ से मिली राहत, किया गया दोषमुक्त

6 hours ago
राजकार्य और मारपीट से जुडे दस वर्ष पुराने मामले में आया फैसला, संदेह के लाभ से मिली राहत, किया गया दोषमुक्त

खुलासा न्यूज,बीकानेर। राजकार्य में बाधा उत्पन्न करने के मामले में न्याायालय ने आज फैसला सुनाते हुए संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करने का फैसला सुनाया है। न्यायालय अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट (पी.सी.पी.एन.डीटी मामलात) की पीठासीन अधिकारी यासमीन खांन ने आरोपी लक्ष्मण हर्ष पुत्र बंशीधर हर्ष जाति हर्ष निवासी डी-129 मुरलीधर व्यास नगर बीकानरे को राजकार्य में बाधा व सरकारी कर्मचारी के साथ मारपीट के आरोप में सन्देह का लाभ देकर दोषमुक्त धोषित कर दस वर्ष से प्रकरण में राहत प्रदान की गई। 

 


बता दे कि 22.03.2016 को जोधपुर विधुत वितरण निगम लिमिटेड की कनिष्ट अभियंता मोहित भारती द्वारा एक अज्ञात नाम से प्रथम सूचना रिपोर्ट 50/2016 अन्र्तगत धारा 332,353,34 आई.पी.सी में दर्ज करवाई। जिसमें बाद अनुसंधान 31.05.2016 को लक्षमण हर्ष के विरूद्व न्यायालय में धारा 332,353 राजकार्य में बाधा व मारपीट व सरकारी कर्मचारी पर हमला में चालान प्रस्तुत किया। जिसके बाद जांच के दौरान 
 सात गवाहन के साक्ष्य लिए गए। जिनमें कहीं भी लक्ष्मण के विरूद्ध आरोपी प्रमाणित नहीं हुए। प्रार्थी की और से पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल लाल हर्ष, निमिषा शर्मा द्वारा की गई।

 

प्रकरण अभियोजन द्वारा लगाये गये आरोपो एवं प्रस्तुत साक्ष्यों पर विचार करने के पश्चात् न्यायालय ने आरोपी के विरूद्व अपराध सिद्व नहीं पाया और उसे विधिनुसार बरी कर दिया। न्यायालय के इस निर्णय से स्पष्ट है किसी व्यक्ति को आरोप लगाये जाने के आधार पर दोषी नहीं माना जाता। अपराधिक मामले में अभियोजन को आरोपो को सन्देह से परे सिद्व करना आवश्यक है।  इस प्रकरण में वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल लाल हर्ष व निमिषा शर्मा से कानूनी पक्ष रखा गया तथा उपलब्ध साक्ष्यों एवं अभियोजन के मामलों की कमियों को न्यायालय के सामने मजबूती से प्रद्वत किया गया। जिस पर न्यायालय ने प्रार्थी को राहत प्रदान की। 

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