बात वार्ड 75 की, इस वजह से कहीं इनकी न बढ़ जाए मुश्किलें
बीकानेर। वार्ड 73 के बाद 75 भी चर्चा में है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह इस वार्ड से भाजपा नेता महावीर रांका को टिकट देने के बाद वापस लेना है। ऐसे में रांका की टिकट कटने का असर अब कहीं न कहीं भाजपा प्रत्याशी विशाल गोलछा पर भी दिख सकता है। इसका फायदा कांग्रेस प्रत्याशी धर्मवीर नाहटा को मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। नाहटा पहले भी पार्षद रह चुके है। अब रांका के टिकट कटने के बाद बन रही स्थिति का भी वह पूरा फायदा उठाना चाहेंगे। दूसरी वैश्य समाज के कुछ प्रतिनिधि भी पहले भाजपा का खुलकर विरोध कर चुके है। लेकिन सीएम से मुलाकात के बाद उनके स्वर बदले है। लेकिन सूत्रों के अनुसार अभी भी अंदरूनी इसके विरोध में है। वार्ड 75 में भाजपा ने विशाल गोलछा को प्रत्याशी बनाया है। हालांकि पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को एकजुट रखने की है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि टिकट को लेकर पैदा हुई स्थिति का असर चुनाव प्रचार और वोटों के समीकरण पर पड़ सकता है। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी धर्मवीर नाहटा के लिए यह स्थिति उम्मीद बढ़ाने वाली मानी जा रही है। नाहटा पहले भी पार्षद रह चुके हैं और वार्ड की राजनीति से परिचित हैं। ऐसे में वे अपने पुराने संपर्कों और राजनीतिक अनुभव का लाभ उठाते हुए मौजूदा परिस्थितियों को अपने पक्ष में करने का प्रयास कर सकते हैं।
कांग्रेस प्रत्याशी धर्मवीर नाहटा के सामने अब इस स्थिति को चुनावी लाभ में बदलने का मौका है। पूर्व पार्षद होने के कारण नाहटा वार्ड के मुद्दों और मतदाताओं के बीच अपने पुराने संपर्कों को सक्रिय करने की कोशिश कर सकते हैं। दूसरी ओर भाजपा प्रत्याशी विशाल गोलछा के लिए चुनौती केवल कांग्रेस प्रत्याशी से मुकाबले की नहीं है, बल्कि टिकट वितरण के बाद बने माहौल को संभालने की भी है। फिलहाल वार्ड 75 में चुनावी मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। महावीर रांका की टिकट कटने के बाद भाजपा का वोट बैंक कितना प्रभावित होता है और कांग्रेस इस स्थिति का कितना फायदा उठा पाती है, यही आने वाले दिनों में वार्ड की सबसे बड़ी राजनीतिक चर्चा रहने वाली है। आखिरकार मतदाताओं का फैसला ही तय करेगा कि बदले हुए समीकरण किसके पक्ष में जाते हैं
Join for Latest News
हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ