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बीकानेर: कारागृह का मुलाकाती कक्ष लेगा आधुनिक रूप, होगा ये नवाचार

rk
6 hours ago
बीकानेर: कारागृह का मुलाकाती कक्ष लेगा आधुनिक रूप, होगा ये नवाचार

बीकानेर: कारागृह का मुलाकाती कक्ष लेगा आधुनिक रूप, होगा ये नवाचार 

बीकानेर। केन्द्रीय कारागृह में बंदियों और मुलाकातियों मे दूरी कम होगी और वे एक-दूसरे को आमने-सामने देखकर इंटरकॉम पर बात कर सकेंगे। जल्दी ही बीकानेर का कारागृह का मुलाकाती कक्ष आधुनिक रूप लेगा जिसमें सुरक्षा बढ़ेगी और मुलाकात आसान हो जाएगी। बीकानेर केन्द्रीय कारागृह में अभी बंदी और उनसे मुलाकात के लिए आने वाले लोगों में डेढ़ फिट की दूरी रहती है। दोनों तरफ खिड़कियां हैं और उन पर जालियां लगी हैं। इससे बंदी और उनसे मुलाकात के लिए आने वाले परिजन एक-दूसरे के चेहरे साफ नहीं देख पाते और आवाज सुनने में परेशानी होती है। लेकिन, अब दोनों के बीच की दूरियां मिट जाएंगी और वे एक-दूसरे को आमने-सामने बिल्कुल साफ देखकर इंटरकॉम पर बात कर सकेंगे। इससे आवाज सुनने में भी परेशानी नहीं होगी। दोनों के बीच में केवल अनब्रेकेबल ग्लास होगा जिसमें से चेहरे साफ देखे जा सकेंगे। जल्दी ही केन्द्रीय कारागृह के मुलाकाती कक्ष को आधुनिक बनाया जाएगा।

इसके लिए 7.07 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। नए आधुनिक मुलाकाती कक्ष में सुरक्षा बढ़ेगी और मुलाकात भी आसान होगी। वर्तमान में जालियां लगी होने के कारण उनमें से संदिग्ध सामग्री बंदियों तक पहुंचने का अंदेशा बना रहता है। लेकिन, नए मुलाकाती कक्ष में ग्लास लगे होने के कारण किसी भी तरह के सामान का लेनदेन नहीं हो पाएगा। जेल में अब केवल ब्लड रिलेशन वाले परिजनों को ही बंदियों से मिलाया जाता है। विशेष परिस्थितियों में ही दोस्त या अन्य लोगों को तस्दीक करने के बाद मिलने की इजाजत दी जाती है।

 बंदियों के लिए जेल में एसटीडी पर फोन के जरिये बात करने की सुविधा भी है। वे एक रुपया पर मिनट के हिसाब से परिजनों से बात कर सकते हैं। जेल प्रशासन इसके लिए बंदियों के ब्लड रिलेशन वाले चार लोगों के मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड करता है। इन चारों मोबाइल नंबर को प्रदेश के एटीएस से हरी झंडी मिलने पर रजिस्टर्ड किया जाता है और बंदियोंं की बात कराई जाती है। एक दिन में बंदी अधिकतम 5 मिनट ही बात कर सकता है। इसके लिए परिजनों को जेल पोर्टल पर प्रति माह 150 रुपए एडवांस राशि जमा करानी होती है।

Sanskar
BC

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