महिला शिक्षिका को करीब 11 साल बाद दोबारा सरकारी सेवा में जॉइन कराने और सीधे शहर में पोस्टिंग देने का मामला विवादों में
महिला शिक्षिका को करीब 11 साल बाद दोबारा सरकारी सेवा में जॉइन कराने और सीधे शहर में पोस्टिंग देने का मामला विवादों में
बीकानेर। बीकानेर में एक महिला शिक्षिका को करीब 11 साल बाद दोबारा सरकारी सेवा में जॉइन कराने और सीधे शहर में पोस्टिंग देने का मामला विवादों में आ गया है। इस पर नियमों की अनदेखी के आरोप लगाते हुए लोकायुक्त में शिकायत की गई है। वहीं शिक्षा विभाग का कहना है कि पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत ही की गई है।
2014 से अवकाश पर थी शिक्षिका
बीकानेर के उदयरामसर गांव निवासी सीमा यादव ने लोकायुक्त को दी शिकायत में बताया कि संबंधित महिला शिक्षिका जालवाली गांव में पोस्टेड थी और 16 जुलाई 2014 से अवकाश पर चल रही थी।
लंबी गैरहाजिरी पर नहीं हुई कार्रवाई
शिकायत में कहा गया है कि शिक्षिका लंबे समय तक बिना सूचना के गैरहाजिर रही, लेकिन इसके बावजूद विभाग ने नियमानुसार कोई सख्त कार्रवाई नहीं की।
5 साल से ज्यादा अनुपस्थिति पर बर्खास्तगी का नियम
परिवाद में उल्लेख किया गया है कि नियमों के अनुसार अगर कोई कर्मचारी 5 साल तक बिना सूचना के अनुपस्थित रहता है, तो उसे सेवा से हटाया जा सकता है।
इसके बावजूद 16 जून 2025 को शिक्षिका को फिर से जॉइन करा दिया गया, जिसे नियमों के खिलाफ बताया जा रहा है।
शहर में पोस्टिंग पर भी उठे सवाल
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जॉइनिंग के बाद शिक्षिका को गांव के बजाय सीधे बीकानेर शहर में पोस्टिंग दे दी गई, जो नियमों के विपरीत है। इस संबंध में करीब पांच पेज की शिकायत लोकायुक्त को दी गई है।
नियमों के तहत हुई पोस्टिंग
किसनदान चारण ने बताया- टीचर की जॉइनिंग और पोस्टिंग विभागीय नियमों और निर्देशों के अनुसार ही की गई है। लोकायुक्त से शिकायत मिलती है तो विभाग की ओर से पूरा जवाब दिया जाएगा।
शिकायतकर्ता सीमा यादव का कहना है कि 11 साल बाद ज्वाइन कराने का कोई स्पष्ट नियम नहीं है। बीकानेर स्तर पर कार्रवाई नहीं होने के कारण ही लोकायुक्त में शिकायत की गई है।
Join for Latest News
हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ