वन विभाग ने शुरू की नोटिस कार्रवाई, 4 नोटिस चस्पा, 4 हेक्टेयर भूमि खाली करवाने की तैयारी
वन विभाग ने शुरू की नोटिस कार्रवाई, 4 नोटिस चस्पा, 4 हेक्टेयर भूमि खाली करवाने की तैयारी
बीकानेर। नोखा गांव में वन विभाग ने कथित अतिक्रमण को लेकर नोटिस देने की कार्रवाई शुरू कर दी है। क्षेत्रीय वन अधिकारी कार्यालय ने चार नोटिस चस्पा किए हैं। विभाग ने संकेत दिया है कि लगभग चार हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाया जाएगा।अतिक्रमण हटाने की होगी कार्रवाई
वन विभाग द्वारा जारी नोटिसों में संबंधित भूमि को वर्तमान राजस्व रिकॉर्ड में वन भूमि के नाम दर्ज बताया गया है। नोटिस प्राप्तकर्ताओं को दो दिन के भीतर वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। ऐसा न करने पर राजस्थान वन अधिनियम 1953 (संशोधित 2012) के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
रविवार को चार नोटिस चस्पा किएक्षेत्रीय वन अधिकारी किशोर सिंह ने बताया कि रविवार को चार नोटिस चस्पा किए गए हैं और यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। ग्रामीणों का कहना है कि सीमांकन की जद में गांव के पक्के मकान, मंदिर, श्मशान भूमि और वर्षों पुराने सार्वजनिक रास्ते आ रहे हैं।
ग्रामीण सीमांकन प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। उनके अनुसार, खाता संख्या 411 के अंतर्गत 11 खसरों में 166.62 हेक्टेयर भूमि वन विभाग के नाम दर्ज है, जिसमें खसरा नंबर 125 जोहड़ तथा शेष भूमि ओरण के रूप में दर्ज है। ग्रामीणों का आरोप है कि सीमांकन बिना किसी स्पष्ट केंद्र बिंदु और ठोस आधार के किया जा रहा है, जिससे आबादी क्षेत्र और पुराने रास्ते भी वन भूमि में शामिल हो रहे हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, नोखागांव की रोही स्थित ओरण भूमि वर्ष 1973 में वन विभाग को पेड़-पौधे लगाने के उद्देश्य से आवंटित हुई थी। यह भूमि 28 जुलाई 1997 को विभाग को हस्तांतरित कर दी गई थी। अब विभाग इस भूमि पर चारदीवारी और तारबंदी की तैयारी कर रहा है, जिससे ग्रामीणों और वन विभाग के बीच विवाद बढ़ गया है।
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