पीबीएम: लगातार होता रहता है निरीक्षण लेकिन कमियां जस की तस, आखिर कहां है सुरंग
दो दिनों पूर्व हुए विवाद के बाद चेता पीबीएम प्रशासन
खुलासा न्यूज,बीकानेर। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुरेन्द्र वर्मा और पीबीएम अधीक्षक डॉ. बी.सी.घीया ने आज संयुक्त रूप से कैंसर और ट्रोमा का निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न समस्याओं को लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए गए है। इन दोनो विभागों में बीते दिनों विवाद की स्थिति बन चुकी है। आज जो पीबीएम प्रशासन द्वारा निर्देश जारी किए गए है ये वहीं कारण है जिनके चलते विवाद की स्थिति बनी। ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या विवाद की स्थिति बनने के बाद ही पीबीएम प्रशासन चेतता है क्या।
कैंसर में बीते दिनों हुई विवाहिता की मौत के बाद मरीजों और उनके परिजनों ने पानी को लेकर समस्या का जिक्र करते हुए कहा था कि शौचालय तक जाने के लिए यहां पर पानी नहीं है। वहीं ट्रोमा सेंटर में तो रेजीडेंट ने धरना तक लगा दिया था। रेजीडेंट ने कहा था कि हमारे के लिए अलग रूम हो, सीसीटीवी हो, सुरक्षा के पूर्ण बंदोबस्त हो ताकि सुरक्षित रूप से इलाज किया सके। इस दौरान रेजीडेंट ने कहा था कि इस सम्बंध में पूर्व में भी उच्च स्तर पर बात पहुंचाई जा चुकी है लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। ऐसे में सवाल है कि जब समस्या पूर्व से पता है तो फिर कहां सुरंग है जो कि समस्या का समाधान नहीं हो रहा है जबकि लगातार आवश्यक निर्देश दिए जाते रहें है।
बड़ा सवाल है कि विवाद होने के बाद ही पीबीएम के आला अधिकारी क्यों जागते हैं। क्या कमियों को विवाद से पहले नहीं सुलझाया जा सकता क्या।
निरीक्षण के दौरान ट्रॉमा सेंटर में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, व्यवस्थाओं एवं मरीजों को दी जा रही सेवाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों एवं कार्मिकों से चर्चा करते हुए मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार ने हड्डी रोग विभाग अध्यक्ष तथा सर्जरी विभाग अध्यक्ष को आपस में समन्वय के साथ कार्य करने का सुझाव देते हुए मरीजों को लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए, इस दौरान ट्रॉमा सेंटर में कार्यरत चिकित्सकों द्वारा आवश्यक संसाधनों एवं व्यवस्थाओं से संबंधित सुझाव भी प्रस्तुत किए गए।
प्राचार्य डॉ. वर्मा ने ट्रॉमा सेंटर में एमओटी (माइनर ऑपरेशन थिएटर) की व्यवस्था प्रारंभ करने, रेजिडेंट चिकित्सकों के लिए अलग कक्ष उपलब्ध कराने तथा आवश्यक सर्जिकल उपकरणों एवं संसाधनों की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गंभीर एवं दुर्घटना पीडि़त मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्राचार्य डॉक्टर सुरेंद्र कुमार ने कहा कि कैंसर अस्पताल में पानी की कमी को दूर करने के लिए ट्रॉमा सेंटर के पानी की होद से 500 फीट की एक नई पाइपलाइन जोड़ी जाएगी जिससे कैंसर अस्पताल परिसर में भी पानी की कमी नहीं रहेगी।
अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया ने भी अस्पताल प्रशासन की ओर से आवश्यक सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि ट्रॉमा सेंटर की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जायेगा
इस अवसर पर ईएमडी प्रभारी डॉ. जितेंद्र आचार्य, संजय तिवाड़ी, श्रवण रंगा सहित ट्रॉमा सेंटर से जुड़े चिकित्सक, रेजिडेंट डॉक्टर एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान मरीजों की सुविधाओं एवं उपचार व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
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