राजस्थान में पत्थर बन रहा 9 साल का बच्चा, डॉक्टर बोले-प्रदेश में इस दुर्लभ बीमारी का पहला केस
राजस्थान में पत्थर बन रहा 9 साल का बच्चा, डॉक्टर बोले-प्रदेश में इस दुर्लभ बीमारी का पहला केस
राजस्थान में 9 साल का बच्चा पत्थर बनता जा रहा है। इसका कारण है स्टोन मैन सिंड्रोम नाम की दुर्लभ बीमारी। यह बीमारी 20 लाख लोगों में से एक को होती है। इस बीमारी में शरीर धीरे-धीरे पत्थर की तरह सख्त होने लगता है और मांसपेशियां हड्डी बन जाती हैं। राजस्थान में पहली बार कोई मरीज सामने आया है। जोधपुर एम्स की ओर से जैसलमेर के हॉस्पिटल में दुर्लभ बीमारियों को लेकर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया था। जिसमें मां-बाप अपने बच्चे को पहुंचे। बच्चे की गर्दन और चेहरे पर इस बीमारी के इफेक्ट नजर आ रहे थे। माता-पिता ने कहा- कई हॉस्पिटल में बच्चे को दिखाया मगर बीमारी का पता नहीं चल पाया। विशेषज्ञों ने बच्चे की जांच कर बीमारी का पता लगाया। डॉक्टर्स का कहना है कि इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है, समय के साथ शरीर पत्थर जैसा बन जाता है और मरीज बिस्तर पकड़ लेता है।
शहर के वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ ने बताया- मेडिकल लैंग्वेज में इसे FOP (फाइब्रोडिस्प्लेजिया ओसिफिकन्स प्रोग्रेसिविया) कहा जाता है। FOP एक अत्यंत दुर्लभ आनुवांशिक (Genetic) विकार है। इसमें शरीर की मरम्मत करने वाली प्रणाली ही शरीर की दुश्मन बन जाती है। इसे आसान भाषा में समझें तो सामान्य तौर पर चोट लगने पर मांसपेशियां खुद को ठीक करती हैं, लेकिन FOP के मरीजों में चोट वाली जगह पर मांसपेशियों, लिगामेंट और टेंडन की जगह नई हड्डी (Extra-skeletal bone) बनने लगती है। इस बीमारी में मरीज के जोड़ों के ऊपर हड्डियों का एक दूसरा ढांचा विकसित होने लगता है। इससे इंसान धीरे-धीरे एक 'जिंदा मूर्ति' के समान जकड़ जाता है। वह चल-फिर भी नहीं पाता। मामले को लेकर एक्सपर्ट कहते हैं- इस बीमारी के लक्षण बचपन में ही दिखने लगते हैं। इसकी सबसे बड़ी पहचान बच्चे के पैर के बड़े अंगूठे की असामान्य बनावट या उसका अंदर की ओर मुड़ा होना है।
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