Khulasa Online
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bharti

सीएम शर्मा के पहुंचने के बाद कार्यक्रम में जमेगा रंग, एमजीएसयू में कल होगी सांस्कृतिक संध्या

6 hours ago
सीएम शर्मा के पहुंचने के बाद कार्यक्रम में जमेगा रंग, एमजीएसयू में कल होगी सांस्कृतिक संध्या

खुलासा न्यूज,बीकानेर। राज्य स्तरीय स्वाधीनता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के मीरा बाई सभागार में भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। राजस्थान की समृद्ध लोक कला, संस्कृति एवं परंपराओं को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में राजस्थान की विविध लोक कलाओं एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का मनोहारी संगम देखने को मिलेगा। 
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सायं 8.20 बजे मुख्यमंत्री के आगमन के पश्चात् कार्यक्रम में राजस्थान की पारंपरिक लोक संस्कृति की विविध छटाएं देखने को मिलेंगी। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के क्रम में मांड गायन, 'डेजर्ट सिम्फनी बाय भूगड़ खान, दिव्यांग छात्रों द्वारा लोक नृत्य प्रस्तुति, मयूर नृत्य तथा 'लोक कला सन्निधि की विशेष प्रस्तुति प्रमुख आकर्षण रहेंगी।


'लोक कला सन्निधि के अंतर्गत राजस्थान की प्रसिद्ध लोक नृत्य परंपराओं भवाई, चरी एवं घूमर की मनमोहक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से राजस्थान की लोक संस्कृति, पारंपरिक नृत्य शैलियों एवं कलाकारों की कला प्रतिभा को मंच प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम में राजस्थान की लोक गायन एवं नृत्य परंपराओं के साथ-साथ प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता एवं समृद्ध विरासत की जीवंत झलक देखने को मिलेगी। दिव्यांग छात्रों द्वारा लोक नृत्य प्रस्तुति  भी कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहेगी।


आमजन, पर्यटकों एवं कला-संस्कृति प्रेमियों से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर कलाकारों का उत्साहवर्धन करने तथा राजस्थान की समृद्ध लोक कला एवं सांस्कृतिक विरासत से रूबरू होने का आह्वान किया गया है।

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: