शाला संबल योजना के जरिए भरे जाएंगे स्कूलों में शिक्षकों के पद
बीकानेर। बीकानेर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पद अब विद्या संबल योजना के जरिए भरे जाएंगे। शिक्षा विभाग ने सभी जिलों में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। खास बात यह है कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए करीब पांच महीने बीत चुके हैं और अब स्कूलों में गेस्ट फैकल्टी लगाने की प्रक्रिया शुरू होगी। इस दौरान अधिकांश स्कूलों में सेकंड टेस्ट तक हो चुके हैं। ऐसे में स्कूलों को शिक्षक तो मिल जाएंगे, लेकिन बचे हुए समय में विद्यार्थियों का पूरा कोर्स करवाना चुनौती बन सकता है।
शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले होनी थी रिक्त पदों की समीक्षा
वित्त विभाग के 30 मार्च 2021 के परिपत्र में विद्या संबल योजना के तहत शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले रिक्त पदों का आकलन करने का प्रावधान है। नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होने में लगने वाले समय को देखते हुए गेस्ट फैकल्टी के माध्यम से अध्यापन व्यवस्था करने की अनुमति अब दी गई है। अब शिक्षा विभाग ने इसी व्यवस्था को वर्तमान शैक्षणिक सत्र में लागू करने के निर्देश दिए हैं।
अब शिक्षक मिलेंगे, लेकिन कोर्स पूरा करना चुनौती
स्कूलों में नया सत्र शुरू हुए करीब पांच महीने हो चुके हैं। इस दौरान पढ़ाई के साथ फस्र्ट और सेकंड टेस्ट भी हो चुके हैं। अब अक्टूबर में हाफ इयरली एग्जाम है। अभी कलेक्टर को आदेश मिले हैं, जिसका प्रोसेस करने में करीब एक महीना लगेगा। ऐसे में अब रिक्त पदों पर गेस्ट फैकल्टी लगाए जाने से शिक्षकों की कमी तो दूर होगी, लेकिन विद्यार्थियों का छूटा हुआ पाठ्यक्रम पूरा करवाने के लिए शिक्षकों के पास सीमित समय रहेगा। खासकर उन विषयों में परेशानी अधिक हो सकती है, जहां लंबे समय से शिक्षक का पद खाली है।
चुनाव के बीच संविदा नियुक्तियों पर भी उठ सकते हैं सवाल
प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया भी चल रही है। ऐसे में 12 सितंबर तक विद्या संबल योजना के तहत संविदा आधार पर गेस्ट फैकल्टी लगाने की प्रक्रिया को लेकर भी विवाद की स्थिति बन सकती है। हालांकि आदेश में गेस्ट फैकल्टी के चयन के लिए जिला स्तरीय समिति और निर्धारित प्रक्रिया का प्रावधान किया गया है।
जिले में बनेगी समिति, मेरिट से होगा चयन
आदेश के अनुसार प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय समिति होगी, जिसके अध्यक्ष जिला कलेक्टर या उनके द्वारा मनोनीत अधिकारी होंगे। संबंधित विभाग का जिला स्तरीय अधिकारी या विभागीय नोडल अधिकारी समिति का सदस्य सचिव होगा।
शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले समिति की ओर से आवेदन आमंत्रित किए जाने का प्रावधान है। निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर वरीयता सूची तैयार की जाएगी। इसके आधार पर उपलब्धता के अनुसार गेस्ट फैकल्टी की सेवाएं ली जाएंगी। प्रत्येक रिक्त पद के लिए यथासंभव तीन अभ्यर्थियों का पैनल तैयार किया जाना है।
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