रेंज में रात के समय अनधिकृत रूप से प्रवेश करने वालों के खिलाफ जवानों को फायर करने के सख्त निर्देश
रेंज में रात के समय अनधिकृत रूप से प्रवेश करने वालों के खिलाफ जवानों को फायर करने के सख्त निर्देश
महाजन। महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में डीजल-पेट्रोल चोरी और तस्करी का सिलसिला सैन्य अधिकारियों के तमाम सख्त प्रयासों के बावजूद थमने का नाम नहीं ले रहा है। जान का जोखिम होने के बावजूद डीजल चोर और तस्कर रात के अंधेरे में रेंज क्षेत्र में घुसकर चोरी की वारदात को अंजाम देने का प्रयास कर रहे हैं। शाम ढलते ही रेंज के आसपास संदिग्ध गतिविधियां बढ़ जाती हैं और अंधेरा होते ही तस्करों के रेंज में घुसने की घटनाएं सामने आ रही हैं। गौरतलब है कि रेंज में लगातार हो रही पेट्रोल-डीजल चोरी से परेशान सैन्य अधिकारियों ने नवंबर 2025 में बैठक कर सख्त निर्णय लिया था। रेंज में रात के समय अनधिकृत रूप से प्रवेश करने वालों के खिलाफ जवानों को फायर करने के सख्त निर्देश दिए गए थे। इस संबंध में आसपास की ग्राम पंचायतों और पुलिस थानों को भी लिखित रूप से अवगत कराया गया था। इसके बावजूद तस्कर अपनी जान जोखिम में डालकर रेंज में प्रवेश कर रहे हैं।
फायर के सख्त निर्देश के बाद बेखोफ तस्कर रेंज क्षेत्र में बाहरी लोग रात के समय चोरी-छिपे प्रवेश कर जाते हैं। सुरक्षा की दृष्टि से ड्यूटी पर तैनात जवानों को ऐसे अनधिकृत प्रवेश पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद तस्करों का दुस्साहस लगातार सामने आ रहा है। 31 जनवरी की देर रात भी डीजल चोरी के लिए रेंज में घुसे लोगों में से एक युवक को पकड़ लिया गया था, जबकि उसका एक साथी फरार हो गया था। वहीं 8 अगस्त की देर रात दो पिकअप वाहनों में सवार करीब 15 अज्ञात लोग रेंज क्षेत्र में घुस गए। सैनिकों की कार्रवाई के बाद सभी लोग वाहनों में सवार होकर मौके से फरार हो गए। घटना ने रेंज की सुरक्षा व्यवस्था के सामने एक बार फिर गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है।
पिछले वर्ष दो पिकअप वाहन पकड़े-:
पिछले वर्ष भी पेट्रोल-डीजल तस्कर पिकअप वाहनों के साथ रेंज क्षेत्र में घुस गए थे। सेना के जवानों ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए दो पिकअप वाहन पकड़ लिए थे। वाहनों से ड्रम, जरीकेन सहित अन्य सामान बरामद किया गया था। बाद में दोनों वाहनों और बरामद सामान को महाजन पुलिस के सुपुर्द किया गया था।
रेंज के आसपास डीजल गैंग सक्रिय- :
महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के आसपास रामसरा, जसवंतसर, असरासर, गुसाईना, बालादेसर, रतनीसर, मनोहरिया, खियाना, सुलेरा, बडेरण और भीखनेरा सहित कई गांव स्थित हैं। आरोप है कि इन गांवों के अलावा बाहरी क्षेत्रों से आने वाले लोग भी डीजल-पेट्रोल की चोरी व तस्करी में सक्रिय हैं। शाम होते ही संदिग्ध लोग रेंज के आसपास पहुंच जाते हैं और अंधेरा होने पर चोरी-छिपे रेंज में प्रवेश करने का प्रयास करते हैं।
सुरक्षा के साथ बड़ा हादसा भी बन सकता है खतरा-:
महाजन फील्ड फायरिंग रेंज सैन्य प्रशिक्षण क्षेत्र है,। जहां फायरिंग और सैन्य अभ्यास के दौरान गंभीर खतरा बना रहता है। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में चोरी के लिए प्रवेश करना तस्करों के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है। सैन्य अधिकारियों के सख्त निर्देशों के बावजूद लगातार हो रही घुसपैठ से सवाल उठ रहा है कि आखिर डीजल-पेट्रोल चोरी के लिए जान जोखिम में डालने वाले लोगों पर पूरी तरह अंकुश कब लगेगा।
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