युद्ध के असर से शेयर बाजार धड़ाम: सेंसेक्स 1500 अंक टूटा, निफ्टी भी भारी गिरावट में
युद्ध के असर से शेयर बाजार धड़ाम: सेंसेक्स 1500 अंक टूटा, निफ्टी भी भारी गिरावट में
नई दिल्ली। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बुधवार, 2 अप्रैल को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स करीब 1,500 अंक यानी लगभग 2% की गिरावट के साथ 71,600 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया, जबकि निफ्टी भी 450 अंक यानी करीब 2% टूटकर 22,200 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में इस गिरावट का मुख्य कारण मध्य पूर्व में बढ़ता युद्ध तनाव और उससे प्रभावित होती सप्लाई चेन को माना जा रहा है।
बाजार में आज सबसे ज्यादा गिरावट बैंकिंग, मेटल, फार्मा और ऑटो सेक्टर के शेयरों में देखने को मिली। निवेशकों में अनिश्चितता और डर का माहौल बना हुआ है, जिससे बिकवाली बढ़ गई है। जानकारों के अनुसार, अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिसका असर विभिन्न सेक्टर्स पर पड़ा है। खासतौर पर तेल और मेटल से जुड़े उद्योगों पर इसका गहरा प्रभाव देखने को मिल रहा है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल भी बाजार गिरावट का बड़ा कारण बना है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत करीब 5% बढ़कर 106 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। गौरतलब है कि फरवरी के अंत तक यह कीमत लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थी, लेकिन युद्ध की शुरुआत के बाद इसमें तेज उछाल आया है। तेल की कीमतों में वृद्धि से महंगाई बढ़ने और कंपनियों की लागत बढ़ने की आशंका है, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है।
एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट देखने को मिली है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 4% गिरकर 5,268 पर कारोबार कर रहा है, वहीं जापान का निक्केई इंडेक्स 2% टूटकर 52,557 के स्तर पर आ गया। इसके अलावा हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 1% गिरकर 25,012 और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.5% गिरकर 3,927 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। एशियाई बाजारों में आई इस कमजोरी ने भारतीय निवेशकों के मनोबल को भी प्रभावित किया है।
हालांकि, इसके विपरीत अमेरिकी बाजारों में 1 अप्रैल को सकारात्मक रुख देखने को मिला था। डाउ जोन्स इंडेक्स 224 अंक यानी 0.48% की बढ़त के साथ 46,565 पर बंद हुआ। टेक्नोलॉजी शेयरों से जुड़ा नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स 1.16% बढ़कर 21,840 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 इंडेक्स भी 46 अंक यानी 0.72% चढ़कर 6,575 पर बंद हुआ। इसके बावजूद वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते भारतीय बाजार पर इसका सकारात्मक असर नहीं दिख पाया।
गौर करने वाली बात यह भी है कि इससे पहले 1 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली थी। उस दिन सेंसेक्स 1,187 अंक यानी 1.65% चढ़कर 73,134 के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी भी 348 अंक यानी 1.56% की बढ़त के साथ 22,679 पर बंद हुआ था। लेकिन एक दिन बाद ही बाजार का रुख पूरी तरह बदल गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक मध्य पूर्व में हालात सामान्य नहीं होते, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है। कुल मिलाकर, वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भारतीय शेयर बाजार को बड़ा झटका दिया है, जिसका असर आने वाले दिनों में भी जारी रह सकता है।
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