बीकानेर: एक सप्ताह में इतनी स्लीपर बसें सीज, ये वजह आई सामने
बीकानेर। प्रदेश में हाल के सड़क हादसों, विशेषकर बसों में आग लगने की घटनाओं के बाद परिवहन विभाग ने सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। राज्यव्यापी सड़क सुरक्षा अभियान के तहत बीकानेर में एक सप्ताह के भीतर सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाली 20 स्लीपर बसों को सीज कर उनकी आरसी निरस्त कर दी गई, जबकि प्रत्येक बस पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा विभिन्न श्रेणियों में 354 वाहनों के चालान किए गए हैं। यह अभियान 28 जुलाई तक लगातार चलेगा और इसकी साप्ताहिक समीक्षा भी की जाएगी।
जिला परिवहन अधिकारी भारती नैथानी ने बताया कि मुख्य सचिव की 2 जुलाई को हुई बैठक के निर्देशों के बाद 8 जुलाई से प्रदेशभर में विशेष सड़क सुरक्षा अभियान शुरू किया गया है। बीकानेर में बसों की जांच के लिए पांच विशेष टीमें गठित की गई हैं। जांच के दौरान बसों में इमरजेंसी एग्जिट के सुचारु संचालन, प्रत्येक सीट या स्लीपर के पास आपात स्थिति में शीशा तोड़ने के लिए हैमर की उपलब्धता, स्पीड गवर्नर, बस बॉडी मानक, रिफ्लेक्टर टेप, अंडर-रन प्रोटेक्टिव डिवाइस समेत सभी अनिवार्य सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की जा रही है। साथ ही बसों की छत और डिग्गी में निर्धारित नियमों के विपरीत सामान ढोने पर भी कार्रवाई की जा रही है। अभियान के दौरान बिना नंबर या बिना रिफ्लेक्टर टेप वाले 233, अंडर-रन प्रोटेक्टिव डिवाइस नहीं होने पर 35, बिना स्पीड गवर्नर वाले 64 तथा बस बॉडी मानकों का उल्लंघन करने पर 42 बसों के चालान किए गए।
Join for Latest News
हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ