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बीकानेर: इतने सरकारी स्कूल भवन जर्जर, फिर भी ढहाने के आदेश अटके, पढ़े ये खबर

rk
2 weeks ago
बीकानेर: इतने सरकारी स्कूल भवन जर्जर, फिर भी ढहाने के आदेश अटके, पढ़े ये खबर

बीकानेर: इतने सरकारी स्कूल भवन जर्जर, फिर भी ढहाने के आदेश अटके, पढ़े ये खबर 

बीकानेर। राजस्थान के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकारी अधिकारी हद दर्जे की लापरवाही बरत रहे हैं। शिक्षा विभाग के ही आधिकारिक आंकड़ों के विश्लेषण से साफ हुआ है कि प्रदेश भर में 369 सरकारी स्कूलों के भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं और कभी भी ढह सकते हैं। लेकिन प्रशासनिक ढिलाई और लालफीताशाही का आलम यह है कि इन खतरनाक भवनों को आधिकारिक तौर पर जर्जर या कंडम घोषित करने और इन्हें जमींदोज करने के आदेश लंबे समय से फाइलों में दबे पड़े हैं। बारिश के मौसम में ये खंडहर बन चुके भवन किसी भी बड़े हादसे की वजह बन सकते हैं। इनमें से कई स्कूल अभी भी अस्थाई व्यवस्थाओं के बीच या दूसरे स्कूलों के कमरों में जैसे-तैसे संचालित हो रहे हैं।

समसा जयपुर से मिले डेटा विश्लेषण से सामने आया कि प्रदेश में सबसे गंभीर स्थिति आदिवासी बाहुल्य प्रतापगढ़ जिले की है। यहां 187 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जिनके भवन पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं, लेकिन इन्हें कंडम घोषित करने के आदेश जारी नहीं हुए हैं। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि बीकानेर जिले के भी दो बड़े स्कूल इस सूची में शामिल हैं, जहां प्रशासनिक लापरवाही के कारण भवन ढहाने की प्रक्रिया अटकी हुई है।

बीकानेर ब्लॉक के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सोहनकोठी और राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय भगवानपुरा के भवन पूरी तरह खंडहर हो चुके हैं। इन दोनों स्कूलों को विभाग ने जर्जर तो मान लिया है, लेकिन ढहाने आदेश के कॉलम में आज भी नो दर्ज है। आदेश जारी न होने के कारण न तो इन पुराने ढांचों को गिराकर मलबा हटाया जा रहा है और न ही नए भवन के निर्माण का रास्ता साफ हो रहा है। भास्कर ने ​समसा की निदेशक रश्मि शर्मा से संपर्क किया मगर उन्होंने इस पर कोई जवाब नहीं दिया।

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