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राजस्थान के इन जिलों में बनेंगे 2700 करोड़ से स्मार्ट हाइवे, हादसों को रोकने के लिए बनाया ये प्लान

rk
2 months ago
राजस्थान के इन जिलों में बनेंगे 2700 करोड़ से स्मार्ट हाइवे, हादसों को रोकने के लिए बनाया ये प्लान

राजस्थान के इन जिलों में बनेंगे 2700 करोड़ से स्मार्ट हाइवे, हादसों को रोकने के लिए बनाया ये प्लान

जयपुर। राजस्थान सरकार ने प्रदेश में सड़क तंत्र के आधुनिकीकरण और यातायात सुरक्षा को लेकर एक बड़ा रोडमैप पेश किया है। राज्य बजट 2026 के माध्यम से सरकार ने न केवल बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की घोषणा की है। बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी विशेष बल दिया है।

पिछले दो वर्षों में 5,000 किलोमीटर सड़कों को मुख्य जिला सड़कों में क्रमोन्नत करने के बाद सरकार ने अगले दो वर्षों का महत्वाकांक्षी लक्ष्य साझा किया है। आगामी दो वर्षों में 1,000 किमी से अधिक सड़कों को राज्य राजमार्ग बनाया जाएगा। 2,000 किमी से अधिक सड़कों को मुख्य जिला मार्गों में क्रमोन्नत किया जाएगा।

राजमार्गों का होगा कायाकल्प
सरकार ने राज्य राजमार्गों के सुदृढ़ीकरण के लिए 2,700 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया है। इसके तहत Intelligent Transport System (ITS) आधारित 500 किमी लंबे राजमार्ग विकसित किए जाएंगे। इसमें स्पीड वायलेशन डिटेक्शन और वेरिएबल मैसेज साइन बोर्ड जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी।

राज्य में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए कई अहम राजमार्ग विकास परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। इन परियोजनाओं पर हजारों करोड़ रुपए खर्च कर लंबी दूरी की यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने पर जोर दिया गया है। सरकार का लक्ष्य न केवल सड़क नेटवर्क को बेहतर करना है, बल्कि यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराना है।

प्रमुख राजमार्ग विकास परियोजनाएं
योजनाओं के तहत सलूंबर-बांसवाड़ा (SH-32) के 93 किमी मार्ग पर करीब 744 करोड़ रुपए, दूदू-लालसोट (वाया फागी-चाकसू-तूंगा) के 135 किमी मार्ग पर 675 करोड़ रुपए, रोहट-आहोर एवं बागड़ा (SH-64) के 111 किमी मार्ग पर 555 करोड़ रुपए, सांचौर-रानीवाड़ा-मण्डार-आबू रोड (SH-11) के 107 किमी मार्ग पर 535 करोड़ रुपए और विजयनगर-ब्यावर (SH-39) के 42 किमी मार्ग पर लगभग 210 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

इन राजमार्गों के निर्माण और उन्नयन के साथ यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक ‘वे साइड एमेनिटीज’ भी विकसित की जाएंगी, जिनमें पार्किंग, शौचालय, रेस्ट एरिया और अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल होंगी। इससे लंबी दूरी की यात्रा अधिक आरामदायक होने के साथ पर्यटन और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

'विज़न 2047' और तकनीक का संगम
प्रदेश में प्रतिवर्ष होने वाली लगभग 11,700 सड़क दुर्घटना मृत्यु पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार ने 'मिशन जीरो' की ओर कदम बढ़ाया है। वर्ष 2047 तक दुर्घटना मृत्यु में 90 प्रतिशत की कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है।

सुरक्षा हेतु प्रमुख कदम
शहरों और राजमार्गों पर ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए 100 करोड़ की लागत से 2,000 अत्याधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे।दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (Black Spots) के सुधार, जंक्शन सुधार और क्रैश बैरियर के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
पारदर्शिता लाने के लिए प्रदेश के सभी 35 ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक को पूरी तरह ऑटोमेटेड किया जाएगा, जिससे ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और सड़क पर कुशल चालक ही पहुंच सकेंगे।

Sanskar
BC

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