डॉक्टर द्वारा फर्जी मेडिकल रिपोर्ट बनाकर बेकसूर को जेल भिजवाने का गंभीर मामला, बेकसूर को भिजवाया जेल
डॉक्टर द्वारा फर्जी मेडिकल रिपोर्ट बनाकर बेकसूर को जेल भिजवाने का गंभीर मामला, बेकसूर को भिजवाया जेल
बीकानेर। सीएचसी बज्जू के एक डॉक्टर द्वारा फर्जी मेडिकल रिपोर्ट बनाकर बेकसूर को जेल भिजवाने का गंभीर मामला सामने आया है। राजस्थान हाईकोर्ट के दखल पर कलेक्टर द्वारा गठित 5 विशेषज्ञ डॉक्टरों के स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड ने चोटों को सामान्य बताया। इसके बाद कोर्ट के निर्देश पर बज्जू सीएचसी की रिपोर्ट को गलत करार दिया और पुलिस ने आरोपी दिनेश कुमार के खिलाफ दर्ज हत्या के प्रयास की धारा हटा दी। बज्जू थाने में 27 मई को माया देवी की एफआईआर बीएनएस की धारा 115(2) व 126(2) में दर्ज हुई थी। पीडि़ता को पीबीएम अस्पताल रेफर किया गया, जहां सीटी स्कैन, एक्स-रे और सोनोग्राफी सामान्य आई। कंजर्वेटिव उपचार के बाद 31 मई को उसे डिस्चार्ज कर दिया गया।आरोप है कि बज्जू सीएचसी के चिकित्सक ने पीबीएम के रिकॉर्ड को दरकिनार कर फर्जी रिपोर्ट बनाई। इसमें सिर में गंभीर ब्लड क्लॉट, सर्जरी और छाती में ट्यूब डालने की बात कही। इस आधार पर पुलिस ने जानलेवा हमले की धारा 109 बीएनएस जोडक़र दिनेश कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अधिवक्ता डॉ. सुरेश विश्नोई के जरिए हाईकोर्ट में अपील की गई थी। अधिवक्ता डॉ. सुरेश बिश्नोई ने बताया कि गलत मेडिकल रिपोर्ट से एक व्यक्ति को 50 दिन जेल में रहना पड़ा। संबंधित चिकित्सक के विरुद्धराजस्थान मेडिकल काउंसिल में शिकायत की जाएगी। यदि जांच में यह सामने आता है कि पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से जानबूझकर गलत मेडिकल रिपोर्ट तैयार की गई तो बीएनएस की प्रासंगिक धाराओं में आपराधिक मुकदमा भी दर्ज होना चाहिए।
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