सीसाइड स्टार्टअप समिट 2026 : तकनीक से जिंदगियां बचा रहा ईको भारत पहुंचा दुनिया के टॉप-10 स्टार्टअप्स में
सीसाइड स्टार्टअप समिट 2026 : तकनीक से जिंदगियां बचा रहा ईको भारत पहुंचा दुनिया के टॉप-10 स्टार्टअप्स में
बीकानेर/येरेवन आर्मेनिया। वैश्विक इनोवेशन और स्मार्ट मोबिलिटी के क्षेत्र में इतिहास रचते हुए भारतीय टेक पहल ईको भारत ने आर्मेनिया में आयोजित सीसाइड स्टार्टअप समिट 2026 के फाइनल में जगह बनाते हुए विश्व के टॉप 10 फाइनलिस्ट्स में 2026 के मोस्ट इनोवेटिव स्टार्टअप के रूप में अपना स्थान दर्ज किया है। बीकानेर के बामनवाली निवासी सम्पत सारस्वत ने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय समिट में 72 देशों के 1,000 से अधिक चुनिंदा स्टार्टअप्स ने हिस्सा लिया था। भारत की ओर से भी कई उभरते और इनोवेटिव स्टार्टअप्स ने इस समिट में हिस्सा लिया, जिनमें सोलज़ेन सॉफ्टवेयर, ट्रेवोरोस फिनटेक, सेटलेक्स सर्विसेज, काइट, स्टूडेंट्स वॉयस, द बेसिक साइको, सिंबॉक्स, येलो मैट्रिक्स, ऑग्मेन, नियरबक्स, स्वस्थ स्मृति और पिकपूल शामिल रहे। इस दौरान ईको भारत आईस्टार्ट राजस्थान की ओर से चुना गया एकमात्र स्टार्टअप रहा। विश्व के सर्वश्रेष्ठ 10 स्टार्टअप्स के फाइनल में जगह बनाने वाले पूरे भारत से केवल 2 स्टार्टअप्स में से एक बनकर ईको भारत ने मोस्ट इनोवेटिव स्टार्टअप के रूप में वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई। इको भारत के संस्थापक सम्पत सारस्वत बामनवाली ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और वैश्विक मेंटर्स ने खुले मंच से ईको भारत की अत्याधुनिक क्यूआर कोड और आरएफआईडी इमरजेंसी रिस्पॉन्स तकनीक की प्रशंसा की और मानव जीवन बचाने की इस मुहिम को विश्व स्तरीय बताया। सारस्वत ने बताया कि 72 देशों के 1,000 अंतरराष्ट्रीय स्टार्टअप्स के बीच, राजस्थान से एकमात्र और टॉप 10 फाइनल में पहुंचने वाले भारत के सिर्फ 2 स्टार्टअप्स में शामिल होकर मोस्ट इनोवेटिव स्टार्टअप के रूप में फाइनलिस्ट बनना एक गर्व का क्षण रहा। आर्मेनिया समिट में मिली इस वैश्विक मान्यता के बाद इको भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों, ग्लोबल इन्वेस्टर्स और विदेशी बाजारों में विस्तार के नए रास्ते खुल गए हैं, जिससे दुनिया भर की सड़कों को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सकेगा। ईको भारत सिर्फ एक बिजनेस मॉडल नहीं है, बल्कि यह एडवांस्ड टेक्नोलॉजी (जैसे ईको टैग और स्मार्ट मोबिलिटी टूल्स) के जरिए सड़कों पर कीमती जिंदगियों को बचाने, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और समाज को एक सुरक्षित परिवेश देने का एक महा-अभियान है।
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