एसडीएम-तहसीलदार रोजाना करेंगे राजस्व कोर्ट में इतने घंटे सुनवाई, जमीनों से जुड़े पेंडिंग मुकदमों पर मुख्य सचिव ने जताई नाराजगी, कार्रवाई की दी चेतावनी
एसडीएम-तहसीलदार रोजाना करेंगे राजस्व कोर्ट में इतने घंटे सुनवाई, जमीनों से जुड़े पेंडिंग मुकदमों पर मुख्य सचिव ने जताई नाराजगी, कार्रवाई की दी चेतावनी
जयपुर। प्रदेश में राजस्व से जुड़े पेंडिंग मुकदमों को जल्दी निपटाने के लिए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अफसरों को गाइडलाइन जारी की। मुख्य सचिव ने सर्कुलर जारी कर पेंडिंग मामलों को निपटाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए। पुराने मामलों में रिकॉर्ड पेश नहीं करने पर अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी।
मुख्य सचिव ने सभी एसडीएम, सहायक कलेक्टरों, तहसीलदारों सहित सभी राजस्व अफसरों को हर वर्किंग डे पर सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक राजस्व अदालत चलाने और नियमित सुनवाई करने के निर्देश दिए।
सर्कुलर के अनुसार- राजस्व से जुड़े लंबित मुकदमों के जल्दी निपटाने के लिए SOP जारी हो चुकी है, लेकिन नोटिस तामील में देरी, रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने और मुकदमों में जिरह के बीच गैर जरूरी अंतराल के कारण इनके निस्तारण में देरी हो रही है। इस गैप को दूर करने के लिए रेवेन्यू अदालतों में केस निपटारे की पूरी प्रक्रिया की सरकार के स्तर से लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी।
राजस्व अफसरों को 4 घंटे कोर्ट चलाने के आदेश
मुख्य सचिव ने सभी एसडीएम, सहायक कलेक्टरों, तहसीलदारों सहित सभी राजस्व अफसरों को हर वर्किंग डे पर सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक राजस्व अदालत चलाने और नियमित सुनवाई करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने तीन साल से ज्यादा समय तक लंबित राजस्व केस में संबंधित पक्षों को नोटिस रिसीव करवाने का काम प्राथमिकता से करने और तय पते पर नहीं मिलते हैं तो अखबारों में सूचना प्रकाशित करके नोटिस रिसीव करवाएं।
100 सबसे पुराने पेंडिंग केस की लिस्ट बनाकर निपटारा करना होगा
मुख्य सचिव के सर्कुलर के अनुसार सभी एसडीएम और सहायक कलेक्टरों को 1 अप्रैल को 100 सबसे पुराने लंबित केसों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता से निपटाना होगा। इन मामलों की हर महीने समीक्षा कर चालू वित्तीय वर्ष में उनका निस्तारण करना होगा।
संभागीय आयुक्तों-कलेक्टर्स को नियमित निरीक्षण कर रिपोर्ट देनी होगी
संभागीय आयुक्तों और कलेक्टरों को नियमित निरीक्षण कर राजस्व अदालतों के कामकाज के तरीकों में हर हाल में सुधार करने को कहा है। निरीक्षण की इसकी रिपोर्ट भी रेवेन्यू बोर्ड को भेजनी होगी।
पुराने मामलों में समय पर रिकॉर्ड पेश नहीं किया तो अफसरों के खिलाफ कार्रवाई होगी
मुख्य सचिव की ओर से जारी सर्कुलर में अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। सर्कुलर के अनुसार राजस्व से जुड़े ज्यादा पुराने मामलों में संबंधित रिकॉर्ड समय पर प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी लंबित केसों की हर महीने समीक्षा कर प्रगति रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजना अनिवार्य किया गया है। मुख्य सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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