Khulasa Online
Breaking
• सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बड़ी खबर: NEET परीक्षा 2026 रद्द, 22 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा, दोबारा होगा पेपर! • राजस्थान में सस्ती बिजली पर संकट: सोलर ओवरफ्लो से लाखों यूनिट बिजली बेकार • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बड़ी खबर: NEET परीक्षा 2026 रद्द, 22 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा, दोबारा होगा पेपर! • राजस्थान में सस्ती बिजली पर संकट: सोलर ओवरफ्लो से लाखों यूनिट बिजली बेकार
Arham School
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti
Trade Fair

एक जुलाई से जर्जर भवनों में नहीं चलेंगे स्कूल, सरकार का हाईकोर्ट में जवाब, जर्जर स्कूल भवनों को बनाने पर निगरानी रखेगी कमेटियां

rk
Yatra.com
1 month ago
एक जुलाई से जर्जर भवनों में नहीं चलेंगे स्कूल, सरकार का हाईकोर्ट में जवाब, जर्जर स्कूल भवनों को बनाने पर निगरानी रखेगी कमेटियां

एक जुलाई से जर्जर भवनों में नहीं चलेंगे स्कूल, सरकार का हाईकोर्ट में जवाब, जर्जर स्कूल भवनों को बनाने पर निगरानी रखेगी कमेटियां

जयपुर। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में कहा है कि एक जुलाई से जर्जर भवनों में स्कूल नहीं चलेंगे। हाईकोर्ट में जर्जर स्कूलों के मामले में हुई सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से एक जुलाई से जर्जर भवनों में स्कूल नहीं चलाने का भरोसा दिलाया। जजों ने जर्जर स्कूलों के लिए एक दिन का वेतन देने की घोषणा की। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल भरत व्यास ने डेढ़ लाख और शिक्षा से जुड़े एडवोकेट अशोक अग्रवाल ने 50 हजार रुपए देने की घोषणा की।

जस्टिस महेद्र कुमार गोयल और न्यायाधीश अशोक कुमार जैन ने झालावाड स्कूल हादसे के बाद दर्ज याचिकाओं सहित अन्य जनहित याचिकाओं पर शनिवार को सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने सुझाव दिया कि सभी अधिकारी-कर्मचारी भी इस अभियान में सहयोग दें।

राजस्थान के जर्जर स्कूल भवनों को नए सिरे से बनाने और इन पर निगरानी के लिए राज्य और जिला स्तर पर मॉनिटािंग कमेटियां बनाई गई है। झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद प्रदेश के जर्जर स्कूलों के हालात पर राजस्थान हाईकोर्ट में हुई सुनवाई में सरकार ने अब तक इस दिशा में किए गए काम का ब्यौरा रखा।

सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि जर्जर स्कूलों की बिल्डिंग नए सिरे से बनाने और उनकी मरम्मत पर लगातार मॉनिटरिंग के लिए राज्य और जिला स्तर पर कमेटियां बनाई गई हैं।

कोर्ट को राज्य सरकार ने जर्जर स्कूलों की मरम्मत के प्लान के बारे में अवगत करवाया। सरकार ने कोर्ट को बताया कि केंद्र से करीब 500 करोड़ रुपए भी मंजूर हो चुके हैं। हाईकोर्ट जर्जर स्कूलों पर लिए गए प्रसंज्ञान पर सुनवाई कर रहा है। अब 11 मई को अगली सुनवाई की तारीख तय की है।

5 साल में 12,335 करोड़ खर्च कर जर्जर स्कूलों को सिरे से बनाने का प्लान

पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट में मुख्य सचिव ने 729 पेज का एक्शन प्लान फाइल किया था। इस एक्शन प्लान के तहत 5 साल में करीब 12,335 करोड़ रुपए खर्च कर स्कूलों के जर्जर भवनों का जीर्णोद्धार करने का प्लान बताया गया है।

शिक्षा विभाग के एसीएस की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय कमेटी, 5 साल लगतार मॉनिटरिंग करेगी कमेटी

सरकार की तरफ से हाईकोर्ट को बताया गया कि जर्जर स्कूलों को नए सिरे से बनाने और उनकी मरम्म्त पर लगातर मॉनिटरिंग के लिए शिक्षा विभाग के एसीएस की अध्यक्षता में 10 सदस्यीय राज्य स्तरीय कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी में वित्त बजट विभाग के सचिव, समग्र शिक्षा अभियान के स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर और सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर, एमएनआईटी सिविल इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष, यूनिसेफ के प्रतिनिधि, एनजीओ के दो प्रतिनिधि और स्कूल एसोसिएशन के प्रतिनिधि इसके मेंबर होंगे।

कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कमेटी बनाई गई है। जिला स्तरीय कमेटी में पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन, समग्र शिक्षा अभियान के सीडीओ मेंबर और असिस्टेंट इंजीनियर इसके सदस्य सचिव होंगे। राज्य और जिला स्तरीय समिति का कार्यकाल 5 साल होगा।

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: