किसानों की कर्ज माफी पर केंद्र का बड़ा बयान, राजस्थान पर ₹1.92 लाख करोड़ बकाया
किसानों की कर्ज माफी पर केंद्र का बड़ा बयान, राजस्थान पर ₹1.92 लाख करोड़ बकाया
जयपुर। केंद्र सरकार ने राजस्थान सहित देशभर के किसानों के लिए पूर्ण कर्ज माफी की संभावना को खारिज कर दिया है। लोकसभा में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सांसद हनुमान बेनीवाल द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि किसानों की सम्पूर्ण कर्ज माफी के लिए फिलहाल कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। सरकार द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 तक राजस्थान के किसानों पर कुल ₹1 लाख 92 हजार 293 करोड़ का कर्ज बकाया है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा कॉमर्शियल बैंकों का है।
कॉमर्शियल बैंक: ₹1,44,192 करोड़
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक: ₹30,069 करोड़
सहकारी बैंक: ₹18,032 करोड़
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि राज्य में किसानों की वित्तीय निर्भरता मुख्य रूप से वाणिज्यिक बैंकों पर है। वहीं, पिछले तीन वर्षों में किसानों का कर्ज औसतन 15% सालाना की दर से बढ़ा है, जो चिंता का विषय माना जा रहा है।
देशभर में 31.34 लाख करोड़ का कर्ज
पूरे देश की बात करें तो किसानों पर कुल ₹31.34 लाख करोड़ का कर्ज बकाया है। इसमें राजस्थान का हिस्सा लगभग 6% के आसपास है, जो राज्य में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था की स्थिति को दर्शाता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि सरकार कर्ज माफी के बजाय किसानों को राहत देने के लिए विभिन्न योजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कृषि और सहायक गतिविधियों के लिए अल्पकालिक ऋण की सीमा ₹1.60 लाख से बढ़ाकर ₹2.00 लाख कर दी गई है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत फसलों को बीमा सुरक्षा दी जा रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) के जरिए पात्र किसानों को सीधे खाते में आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
बढ़ते कर्ज पर चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ता कर्ज किसानों की आय, मौसम पर निर्भरता और लागत में बढ़ोतरी से जुड़ा हुआ है। ऐसे में कर्ज माफी के बजाय दीर्घकालिक समाधान, जैसे बेहतर बाजार व्यवस्था, सिंचाई सुविधाएं और लागत नियंत्रण जरूरी हैं।
Join for Latest News
हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ