बीकानेर में पेट्रोल-डीजल महंगा होने से बिगड़ेगा जनता का बजट, अब ये 10 सेवाएं होंगी महंगी!
बीकानेर में पेट्रोल-डीजल महंगा होने से बिगड़ेगा जनता का बजट, अब ये 10 सेवाएं होंगी महंगी!
बीकानेर। अमेरिका-ईरान युद्ध, पांच राज्यों के चुनाव खत्म होने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल के सीमित उपयोग की अपील के बाद तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी कर दी। तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में ₹3.27 प्रति लीटर और डीजल में ₹3.02 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इसके बाद राजधानी बीकानेर में पेट्रोल ₹109.45 और डीजल ₹94.74 प्रति लीटर पहुंच गया है।
बीकानेर समेत 10 जिलों में और महंगा तेल
राजस्थान के सीमावर्ती और कई अन्य जिलों में पेट्रोल-डीजल जयपुर से भी महंगा बिक रहा है। इनमें बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, नागौर, सिरोही, सवाईमाधोपुर, जैसलमेर, डूंगरपुर, बाड़मेर, सीकर और जालोर शामिल हैं। इन जिलों में पेट्रोल जयपुर के मुकाबले करीब ₹1.47 और डीजल ₹1.73 प्रति लीटर महंगा मिल रहा है।
2023 के रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंचे दाम
साल 2023 में कांग्रेस सरकार के दौरान राजस्थान में पेट्रोल ₹108.48 और डीजल ₹93.23 प्रति लीटर के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था। इसके बाद भाजपा सरकार ने 15 मार्च 2024 को राहत देते हुए पेट्रोल-डीजल पर 2 प्रतिशत वैट कम किया था। वैट कटौती के बाद पेट्रोल ₹104.88 और डीजल ₹90.36 प्रति लीटर हो गया था, लेकिन ताजा बढ़ोतरी के बाद अब पेट्रोल 2023 के रिकॉर्ड स्तर से भी आगे निकल चूका है।
आमजन पर पड़ेगा सीधा असर
ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्ट, खाद्य सामग्री, खेती और यात्रा से जुड़ी सेवाओं पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। गर्मियों की छुट्टियों और पर्यटन सीजन के दौरान यात्रा खर्च बढ़ने से परिवारों का बजट प्रभावित हो सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में डीजल महंगा होने से सिंचाई, ट्रैक्टर संचालन और मंडियों तक फसल पहुंचाने की लागत बढ़ेगी। ऑल राजस्थान कॉन्ट्रेक्ट कैरिज बस ऑपरेटर के राजेंद्र शर्मा के अनुसार आने वाले दिनों में परिवहन सेवाएं 15 प्रतिशत तक महंगी हो सकती हैं।
इन 10 सेवाओं पर सीधा असर
बस किरायाः रोडवेज और निजी बस।
ऑटो-टैक्सी, कैब किरायाः शहर में छोटी दूरी की यात्रा महंगी होगी।
सब्जी-फलः ट्रांसपोर्ट महंगा होने से खुदरा दाम बढ़ेंगे।
दूध डेयरीः सप्लाई लागत बढ़ने का असर कीमतों पर।
ऑनलाइन डिलीवरीः फूड और ई-कॉमर्स डिलीवरी चार्ज बढ़ सकते हैं।
स्कूल बसः निजी स्कूल परिवहन शुल्क बढ़ा सकते हैं।
पर्यटन-ट्रैवल पैकेज: होटल और टूर ऑपरेटर किराया समायोजित करेंगे।
खेती-सिंचाई लागतः डीजल पंप और ट्रैक्टर संचालन महंगा होगा।
निर्माण सामग्रीः सीमेंट, बजरी, सरिया जैसी वस्तुओं की ढुलाई महंगी पड़ सकती है।
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