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हार्डवेयर की दुकान का सामान बेचने के सौदे में 45 लाख रुपए की बकाया राशि देने से किया इंकार

Bansal
6 hours ago
हार्डवेयर की दुकान का सामान बेचने के सौदे में 45 लाख रुपए की बकाया राशि देने से किया इंकार


हार्डवेयर की दुकान का सामान बेचने के सौदे में 45 लाख रुपए की बकाया राशि देने से किया इंकार
 बीकानेर। हार्डवेयर की दुकान का सामान बेचने के सौदे में 45 लाख रुपए की बकाया राशि नहीं देने और चेक की पेमेंट रुकवाने का मामला सामने आया है। उदासर निवासी राधेश्याम सारस्वत ने इंदौर निवासी विक्रम माली और उसके भाई जितेंद्र उर्फ जीतू के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। परिवादी के इस्तगासे पर न्यायालय एसीजेएम नंबर-3, बीकानेर के आदेश के बाद जेएनवीसी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
परिवादी राधेश्याम सारस्वत ने शिकायत में बताया कि इंदौर के जवाहर मार्ग स्थित मां करणी हार्डवेयर दुकान की समस्त सामग्री बेचने के लिए 12 जुलाई को विक्रम माली के साथ विक्रय अनुबंध किया गया था। परिवाद के अनुसार, सौदा 71 लाख 50 हजार रुपए में तय हुआ था। इसमें से 5 लाख 80 हजार रुपए शुरुआत में दिए गए और शेष 65 लाख 70 हजार रुपए चुकाने का अनुबंध हुआ। राधेश्याम का आरोप है कि विक्रम ने बकाया रकम चुकाने का भरोसा दिलाया और अपने बैंक खाते की पासबुक के साथ 10 हस्ताक्षरित चेक भी दिए। इसके बाद उसने दुकान की पूरी सामग्री अपने कब्जे में ले ली और दुकान खाली करवा ली।
परिवादी के अनुसार, सौदे की कुल राशि में से अलग-अलग तारीखों पर 26 लाख 50 हजार रुपए दिए गए, लेकिन शेष 45 लाख रुपए नहीं चुकाए गए। जब उसने बकाया रकम मांगी तो आरोप है कि विक्रम ने अनुबंध और चेक के बारे में ही इनकार कर दिया। राधेश्याम का कहना है कि विक्रम ने विक्रय अनुबंध स्वयं तैयार करवाया था और बाद में एक गवाह के हस्ताक्षर करवाने की बात कहकर मूल अनुबंध भी अपने पास रख लिया। अब वह अनुबंध के अस्तित्व से इनकार कर रहा है। परिवाद में बताया गया कि बकाया राशि प्राप्त करने के लिए राधेश्याम ने 15-15 लाख रुपए के तीन चेक अपने बैंक खाते में लगाए। आरोप है कि विक्रम ने जानबूझकर चेक की पेमेंट रुकवा दी, जिससे उसे 45 लाख रुपए नहीं मिल सके।परिवादी के अनुसार, इस मामले में जब उसने विक्रम से बात की तो उसने अपने भाई जितेंद्र उर्फ जीतू से संपर्क करने को कहा। आरोप है कि बातचीत के दौरान जितेंद्र ने उसके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और धमकी दी कि उसे पैसे नहीं मिलेंगे। परिवाद में 16 सितंबर को फोन पर धमकी दी। राधेश्याम ने बताया कि उसने 17 सितंबर को जेएनवीसी थाने में शिकायत दी थी। इसके बाद 18 सितंबर को पुलिस अधीक्षक, बीकानेर को भी रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजी, लेकिन मामला दर्ज नहीं होने पर कोर्ट में इस्तगासा पेश किया। पुलिस ने इस्तगासे के आधार पर मामला दर्ज किया है। मामले की जांच एएसआई मुकेश मीणा को सौंपी गई है।

BC

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