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रिफाइनरी अग्निकांड, एनआईए ने शुरू की जांच, सीएम भजनलाल शर्मा ने तीन घंटे तक लिया हालात का जायजा, अशोक गहलोत ने घटना पर उठाए सवाल

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2 weeks ago
रिफाइनरी अग्निकांड, एनआईए ने शुरू की जांच, सीएम भजनलाल शर्मा ने तीन घंटे तक लिया हालात का जायजा, अशोक गहलोत ने घटना पर उठाए सवाल

रिफाइनरी अग्निकांड, एनआईए ने शुरू की जांच, सीएम भजनलाल शर्मा ने तीन घंटे तक लिया हालात का जायजा, अशोक गहलोत ने घटना पर उठाए सवाल 

बालोतरा/जयपुर। पचपदरा रिफाइनरी में सोमवार को लगी भीषण आग की जांच अब एनआईए ने संभाल ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को इसका उद्घाटन करने वाले थे, लेकिन दौरे से करीब 20 घंटे पहले हुई इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर प्रधानमंत्री के दौरे से पहले सुरक्षा एजेंसियां स्थल की गहन जांच करती हैं, ऐसे में जिस यूनिट में उद्घाटन होना था, वहीं आग लगना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसे सुरक्षा में बड़ी चूक मानते हुए जांच एनआईए को सौंपी है। साथ ही दिल्ली से गृह मंत्रालय की फैक्ट फाइंडिंग टीम भी पचपदरा पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे एनआईए की टीम हेलीकॉप्टर से सीधे रिफाइनरी पहुंची और हादसे वाली यूनिट का गहन निरीक्षण किया। टीम ने जली हुई यूनिट के हर हिस्से का बारीकी से अध्ययन किया और वहां मौजूद कर्मचारियों, फायर ब्रिगेड अधिकारियों तथा अन्य कर्मियों से पूछताछ की। इसके अलावा टीम ने सोमवार दोपहर से लेकर घटना के समय तक के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले। जांच के लिए एक फॉरेंसिक लैब वैन भी दोपहर करीब 2 बजे मौके पर पहुंची, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। रिफाइनरी प्रबंधन ने भी अपनी ओर से विशेषज्ञों और इंजीनियरों की टीम गठित कर जांच शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री ने लिया फीडबैक
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मंगलवार को पचपदरा रिफाइनरी पहुंचे और करीब तीन घंटे तक मौके पर रहकर हालात का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। उनके साथ मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोड़ा, डीजीपी राजीव शर्मा, मंत्री जोगाराम पटेल सहित एचपीसीएल और रिफाइनरी के अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने बैठक में घटना पर नाराजगी जताई और प्रभावित यूनिट को अन्य हिस्सों से अलग करने की जानकारी ली। उन्होंने विशेषज्ञों से जांच कराने और जरूरत पड़ने पर बाहरी विशेषज्ञ बुलाने के निर्देश दिए। साथ ही आग बुझाने में जुटे 24 दमकल वाहनों के 50 से अधिक कार्मिकों की सराहना की। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को स्थानीय लोगों को भरोसा दिलाने के निर्देश भी दिए कि रिफाइनरी को जल्द शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

सरकार कर सकती है एसआईटी का गठन
सूत्रों के अनुसार यदि जांच में किसी साजिश या लापरवाही के संकेत मिलते हैं तो राज्य सरकार विशेष जांच दल का गठन कर सकती है। फिलहाल राजस्थान पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है। वहीं मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा रिफाइनरी के एक छोटे से भाग का नुकसान हुआ है। हमें उम्मीद है कि एचपीसीएल कंपनी के अफसर जल्द ही उसको सही करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके बाद तय समय के अनुसार रिफाइनरी का कॉमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा।

तेज हुई सियासी बयानबाजी
दूसरी ओर इस घटना को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। मंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस नेताओं को इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया राज्य सरकार के हाथ में नहीं होती, यह केंद्र के पेट्रोलियम मंत्रालय के स्तर पर तय होती है। ऐसे समय में अनावश्यक बयानबाजी से बचना चाहिए।

अशोक गहलोत ने घटना पर सवाल उठाए
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घटना पर सवाल उठाते हुए कहा कि जहां प्रधानमंत्री का कार्यक्रम प्रस्तावित था, वहां एक दिन पहले आग लगना स्वाभाविक रूप से चिंता का विषय है। उन्होंने आग लगने के कारणों की पारदर्शी जांच की जरूरत बताई। कांग्रेस नेता टीकाराम जूली और गोविंद सिंह डोटासरा ने भी सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े करते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

जल्द घोषित होगी नई तारीख
उद्घाटन कार्यक्रम टलने के बाद अब नई तारीख को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। मंत्री जोगाराम पटेल ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही नई तिथि घोषित की जाएगी और प्रधानमंत्री की मौजूदगी में कार्यक्रम आयोजित होगा। उधर एचपीसीएल ने बयान जारी कर कहा कि सभी इकाइयां संरचनात्मक रूप से सुरक्षित हैं और अन्य हिस्सों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।

Sanskar
BC

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