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बीकानेर के इस थानाधिकारी की लापरवाही से रेप आरोपी को मिली डिफॉल्ट बेल,कोर्ट ने डीजीपी को कार्यवाही करने का दिया आदेश

Bansal
2 months ago
बीकानेर के इस थानाधिकारी की लापरवाही से रेप आरोपी को मिली डिफॉल्ट बेल,कोर्ट ने डीजीपी को कार्यवाही करने का दिया आदेश


बीकानेर के इस थानाधिकारी की लापरवाही से रेप आरोपी को मिली डिफॉल्ट बेल,कोर्ट ने डीजीपी को कार्यवाही करने का दिया आदेश
बीकानेर (नसं)।  बच्ची से रेप के मामले में तय समय में पुलिस द्वारा आरोप पत्र पेश नहीं करने के मामले को कोर्ट ने पुलिस की लापरवाही माना है। बीकानेर की पॉक्सो कोर्ट ने तत्कालीन थानाधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
पीओसीएसओ कोर्ट की जज डॉ. मनीषा चौधरी ने तत्कालीन जेएनवीसी कॉलोनी थानाधिकारी विक्रम तिवाड़ी की कार्यप्रणाली पर गंभीर टिप्पणी करते हुए उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कार्रवाई की सूचना 2 महीने के भीतर देने को कहा है। आदेश की प्रति राजस्थान सरकार के गृह सचिव को भी भेजने के निर्देश दिए गए हैं। 90 दिन में चार्जशीट नहीं होने पर मिली डिफॉल्ट बेल कानून के तहत निर्धारित अवधि में आरोप पत्र पेश नहीं होने पर आरोपी को डिफॉल्ट बेल का कानूनी अधिकार मिल जाता है। इस मामले में भी 90 दिन की अवधि के भीतर आरोप पत्र अदालत में पेश नहीं किया गया। इसके चलते पीओसीएसओकोर्ट ने आरोपी को डिफॉल्ट बेल का लाभ दे दिया। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा- 90 दिन की अवधि में आरोप पत्र पेश नहीं होने के परिणामस्वरूप अभियुक्त को डिफॉल्ट बेल का लाभ मिला। यह तत्कालीन थानाधिकारी के कार्य के प्रति घोर लापरवाही, अकर्मण्यता और कर्तव्य के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। अभियुक्त की ओर से पैरवी विधिक सेवा बीकानेर की उप मुख्य प्रतिरक्षा अधिवक्ता वर्षा गहलोत ने की।पुलिस की कार्यप्रणाली पर जताई नाराजगी अदालत ने कहा कि गंभीर अपराध के मामले में बाध्यकारी कानूनी प्रावधानों की पालना नहीं की गई। तत्कालीन एसएचओ की लापरवाही के कारण गंभीर अपराध का आरोपी डिफॉल्ट बेल का हकदार हुआ। कोर्ट ने इसे अनुसंधान और उसके परिणामों की गंभीरता के प्रति भारी अभाव के रूप में माना। डीजीपी  को विभागीय कार्रवाई के निर्देश
पीओसीएसओ कोर्ट ने आदेश दिया कि महानिदेशक, राजस्थान पुलिस, जयपुर को पत्र भेजकर तत्कालीन एसएचओ विक्रम तिवाड़ी के खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाए। कोर्ट ने कार्रवाई की रिपोर्ट दो महीने के भीतर न्यायालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने कार्रवाई संबंधी आदेश की एक प्रति राजस्थान सरकार के गृह सचिव को भी भेजने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के इस आदेश के बाद अब तत्कालीन थानाधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।

BC

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