राजस्थान पुलिस की साइबर विंग ने जारी किया अलर्ट : 8वें वेतन आयोग के नाम पर बड़ा साइबर जाल, एक क्लिक में खाली हो सकता है खाता!
राजस्थान पुलिस की साइबर विंग ने जारी किया अलर्ट : 8वें वेतन आयोग के नाम पर बड़ा साइबर जाल, एक क्लिक में खाली हो सकता है खाता!
जयपुर। सरकारी कर्मचारियों को निशाना बनाने के लिए साइबर ठगों ने अब नया और खतरनाक तरीका अपनाया है। Rajasthan Police की साइबर विंग ने अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि 8वें वेतन आयोग के नाम पर फर्जी सैलरी कैलकुलेटर भेजकर बैंक खातों से पैसे उड़ाए जा रहे हैं। यह ठगी खासतौर पर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को टारगेट कर रही है।
महानिदेशक साइबर क्राइम संजय अग्रवाल के निर्देशन में जारी एडवाइजरी के अनुसार, ठग WhatsApp पर मैसेज भेजते हैं, जिसमें दावा किया जाता है कि नए वेतन आयोग से सैलरी में भारी बढ़ोतरी हुई है। साथ ही ‘सैलरी कैलकुलेटर’ का लिंक दिया जाता है। जैसे ही कर्मचारी लिंक पर क्लिक करता है, उसे एपीके फाइल डाउनलोड करने को कहा जाता है।
यह फाइल असल में स्पाईवेयर होती है। इंस्टॉल होते ही मोबाइल का पूरा कंट्रोल ठगों के पास चला जाता है। वे ओटीपी, नेट बैंकिंग डिटेल्स, पासवर्ड और निजी जानकारी चुरा लेते हैं और कुछ ही मिनटों में बैंक खाता खाली कर देते हैं।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सरकार कभी भी व्हाट्सएप या किसी अनजान प्लेटफॉर्म से सॉफ्टवेयर या एपीके फाइल नहीं भेजती। वेतन या पेंशन से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक पोर्टल पर ही उपलब्ध होती है। इसलिए किसी भी लुभावने ऑफर या लिंक पर भरोसा करना भारी नुकसान दे सकता है।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल युग में सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। एक छोटी सी गलती आपकी महीनों की कमाई को खतरे में डाल सकती है। ऐसे में जागरूकता और तुरंत शिकायत करना बेहद जरूरी है।
सुरक्षा के गोल्डन रूल्स
• अनजान लिंक या फाइल पर क्लिक न करें
• थर्ड-पार्टी ऐप इंस्टॉल न करें
• केवल सरकारी वेबसाइट पर ही जानकारी देखें
• तुरंत नंबर ब्लॉक और रिपोर्ट करें
हेल्पलाइन
नेशनल हेल्पलाइन: 1930
ऑनलाइन शिकायत: cybercrime.gov.in
साइबर हेल्पडेस्क: 9256001930, 9257510100
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