Khulasa Online
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti

स्टालिन के बयान का बीकानेर में विरोध, राष्ट्रीय संत श्री सरजूदास जी महाराज ने कहा- सनातन का अपमान स्वीकार नहीं

rk
1 month ago
स्टालिन के बयान का बीकानेर में विरोध, राष्ट्रीय संत श्री सरजूदास जी महाराज ने कहा- सनातन का अपमान स्वीकार नहीं

स्टालिन के बयान का बीकानेर में विरोध, राष्ट्रीय संत श्री सरजूदास जी महाराज ने कहा- सनातन का अपमान स्वीकार नहीं
तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म को लेकर फिर से विवादित बयान दिया है। पू्र्व सीएम और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने कहा है कि वह सनातन जो लोगों के बीच भेदभाव करता है उसको खत्म करना ही होगा. नई विधानसभा में अपने भाषण में उदयनिधि स्टालिन ने कहा था कि सनातन धर्म, जो लोगों के बीच भेदभाव करता है, उसे खत्म कर देना चाहिए. इस बयान के बाद भारी राजनीतिक बवाल मच गया था. कई संगठन और दल ने इसे धार्मिक भावनाओं पर चोट पहुंचाने वाला बता रहे हैं। स्टालिन के बयान पर विरोध जताते हुए राष्ट्रीय संत श्री सरजूदास जी महाराज ने कहा कि सर्वे भवन्तु सुखिन: का संदेश देने वाले सनातन का अपमान कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता। तमिलनाडु के पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि  स्टालिन द्वारा मंगलवार को विधानसभा में सनातन धर्म को लेकर दिया गया बयान करोड़ों सनातनियों की आस्था को आहत करने वाला है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी धर्म के अस्तित्व को समाप्त करने जैसी बात कहना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। महामंडलेश्वर श्री सरजूदास जी महाराज ने समय रहते ऐसे बयानों पर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति देश की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का दुस्साहस न करे।

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: