Khulasa Online
Breaking
• हादसा: तेज आंधी में डूबा क्रूज, 9 की मौत, कई अब भी लापता • बीकानेर में दर्दनाक हादसा: पशु से टकराई बाइक, युवक की मौत • निगहबानी के साथ आत्मनिर्भरता भी : ऐसी एंटी शिप मिसाइल बना रहा भारत, जिसकी रफ्तार जानकर दुश्मन रह जाएंगे हैरान! • ईरान बोला - किसी हाल में न्यूक्लियर प्रोग्राम नहीं छोड़ेंगे, हॉर्मुज स्ट्रेट पर ईरान ने क्या कहा ? • पश्चिम बंगाल चुनाव: दूसरे चरण में अब तक 61% वोटिंग, हिंसा और EVM गड़बड़ी के आरोपों से गरमाया माहौल • हादसा: तेज आंधी में डूबा क्रूज, 9 की मौत, कई अब भी लापता • बीकानेर में दर्दनाक हादसा: पशु से टकराई बाइक, युवक की मौत • निगहबानी के साथ आत्मनिर्भरता भी : ऐसी एंटी शिप मिसाइल बना रहा भारत, जिसकी रफ्तार जानकर दुश्मन रह जाएंगे हैरान! • ईरान बोला - किसी हाल में न्यूक्लियर प्रोग्राम नहीं छोड़ेंगे, हॉर्मुज स्ट्रेट पर ईरान ने क्या कहा ? • पश्चिम बंगाल चुनाव: दूसरे चरण में अब तक 61% वोटिंग, हिंसा और EVM गड़बड़ी के आरोपों से गरमाया माहौल
Arham School
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti
Trade Fair

राजस्थान में 5वीं बोर्ड परीक्षा में पास होना अब अनिवार्य, फेल होने पर नहीं मिलेगा ऑटो प्रमोशन

rk
2 months ago
राजस्थान में 5वीं बोर्ड परीक्षा में पास होना अब अनिवार्य, फेल होने पर नहीं मिलेगा ऑटो प्रमोशन

राजस्थान में 5वीं बोर्ड परीक्षा में पास होना अब अनिवार्य, फेल होने पर नहीं मिलेगा ऑटो प्रमोशन

खुलासा न्यूज़। राजस्थान में 5वीं बोर्ड परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। अब परीक्षा में न्यूनतम अंक लाना अनिवार्य होगा। तय मानक पूरे नहीं करने पर छात्र फेल माने जाएंगे। सरकार ने 5वीं बोर्ड में लागू ऑटोमेटिक प्रमोशन व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। शिक्षा विभाग ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के नियमों में संशोधन किया है। यह नया नियम शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगा।
नए नियमों के अनुसार अब विद्यार्थियों को हर विषय में कम से कम 32 अंक लाने होंगे। यदि किसी विषय में छात्र 32 अंक से कम लाता है, तो उसे तुरंत फेल नहीं किया जाएगा। यदि छात्र न्यूनतम अंक नहीं ला पाता है तो उसे 45 दिन तक विशेष कक्षाओं (स्पेशल क्लास) के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। इसके बाद उस विषय की दोबारा परीक्षा ली जाएगी। यह परीक्षा सप्लीमेंट्री एग्जाम की तरह होगी।

दूसरी परीक्षा में 32 अंक लाने पर छात्र को छठी कक्षा में प्रवेश मिलेगा। यदि दूसरी बार भी न्यूनतम अंक नहीं आए, तो छात्र को फेल कर दिया जाएगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार यदि किसी निजी स्कूल में कोई छात्र 5वीं कक्षा में फेल होता है, तो उसकी जवाबदेही स्कूल प्रशासन की होगी। विभाग स्कूल से स्पष्टीकरण मांगेगा कि छात्र क्यों फेल हुआ। इससे स्कूलों की अकाउंटेबिलिटी सुनिश्चित की जाएगी। 

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: