पानी किसान का अधिकार, किसी की जागीर नहीं, कंवरसेन लिफ्ट नहर पर कांग्रेस की हुंकार, अवैध साइफनों के खिलाफ जन-जागरण यात्रा
पानी किसान का अधिकार, किसी की जागीर नहीं, कंवरसेन लिफ्ट नहर पर कांग्रेस की हुंकार, अवैध साइफनों के खिलाफ जन-जागरण यात्रा
महेश देरासरी
महाजन। कंवरसेन लिफ्ट नहर में अवैध साइफन लगाकर पानी चोरी किए जाने के आरोपों को लेकर किसानों का आक्रोश अब सडक़ों पर उतर आया है। किसानों के समर्थन में का
ंग्रेस के नेतृत्व में गुरुवार को नहर के पटड़े के किनारे जन-जागरण यात्रा निकाली गई। डॉ. राजेंद्र मूंड के नेतृत्व में निकली यात्रा में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, किसानों और क्षेत्रवासियों ने भाग लिया।
यात्रा के दौरान किसानों ने च्पानी किसान का अधिकार है, किसी की जागीर नहींज् जैसे नारों के साथ पानी चोरी के खिलाफ जोरदार आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कंवरसेन लिफ्ट नहर में जगह-जगह अवैध साइफन लगाए जाने से टेल क्षेत्र के हजारों किसानों को उनके हिस्से का पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। किसानों ने कहा कि नहर का पानी अंतिम छोर तक समान रूप से पहुंचना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
नहर पटड़े से तहसील तक गूंजी किसानों की आवाज-:
जन-जागरण यात्रा नहर के पटड़े के किनारे से होते हुए तहसील कार्यालय तक पहुंची। इस दौरान किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पानी चोरी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। यात्रा के बाद प्रतिनिधिमंडल ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर अवैध साइफनों को हटाने, पानी चोरी पर प्रभावी रोक लगाने तथा टेल त्र के किसानों को उनके हिस्से का पानी उपलब्ध करवाने की मांग की। डॉ. राजेंद्र मूंड ने कहा कि किसानों के हिस्से का पानी किसी भी कीमत पर चोरी नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से नहर की प्रभावी निगरानी करवाकर अवैध साइफनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पानी का समान वितरण सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पानी चोरी का सिलसिला जारी रहा तो आंदोलन को आने वाले दिनों में और व्यापक किया जाएगा।सिर्फ यात्रा नहीं, बड़े संघर्ष की शुरुआत-:कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह जन-जागरण यात्रा महज एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि किसानों के हक के लिए संघर्ष की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि टेल क्षेत्र के किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिलने से उनकी फसलों पर असर पड़ रहा है। ऐसे में प्रशासन को कथित पानी चोरी के मामलों की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। यदि समय
रहते अवैध साइफनों पर कार्रवाई नहीं हुई और किसानों को उनके हिस्से का पानी नहीं मिला तो इस मुद्दे को लेकर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। यात्रा में ब्लॉक अध्यक्ष अजय गोदारा, हरि गोदारा, महिपाल सारस्वत, मुबारक अली, पूर्व डायरेक्टर आशिक हुसैन सुलेमानी,हजारीराम गोदारा, हेमराज सियाग, मुस्ताक हुसैन, ख्यालीराम सुथार, आदूराम भादू, रामलाल सुथार, बंसीलाल हुड्डा, दिनेश बाबल, राजू बराइच, तोलाराम गोदारा,उग्रसेन बेनीवाल,लुकमान खान सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं किसान मौजूद रहे।
Join for Latest News
हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ