पुलिस टीम पर हमला,डोडा पोस्त की कार्यवाही करने पहुंचे सीआई व महिला कांस्टेबल की वर्दी फाड़ी व सरकारी गाडियों में की तोडफ़ोड
पुलिस टीम पर हमला,डोडा पोस्त की कार्यवाही करने पहुंचे सीआई व महिला कांस्टेबल की वर्दी फाड़ी व सरकारी गाडियों में की तोडफ़ोड
बीकानेर/खाजूवाला नशे तस्करों के हौसले कितने बुलंद है कि वो पुलिस की सामने करने में नहीं कतराते है। कई बार ऐसा हो चुका है पुलिस कार्यवाही के दौरान विरोध का सामान करना पड़ता है। ऐसा ही एक मामला जिले के खाजूवाला थाना क्षेत्र से सामने आया है जहां अवैध डोडा पोस्त की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम पर हमला करने, राजकार्य में बाधा डालने और सरकारी वाहनों में तोडफ़ोड़ करने का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने इस संबंध में छह लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं सहित पीडीपीपी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर जांच पूगल थानाधिकारी को सौंपी है।पुलिस के अनुसार 19 जून को सहायक उपनिरीक्षक किशन सिंह पुलिस जाब्ते के साथ लोकल एवं स्पेशल एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए क्षेत्र में रवाना हुए थे। चक 11 बीडी में थानाधिकारी सुरेन्द्र कुमार और श्रवणराम सहित अन्य पुलिसकर्मी पहले से मौजूद मिले। इसके बाद संयुक्त टीम 24 बीडी स्थित कालूराम कुंट की ढाणी के पास पहुंची। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि भूराराम बिश्नोई (ज्याणी) की ढाणी में अवैध डोडा पोस्त रखा हुआ है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम जब भूराराम की ढाणी के बाहर पहुंची तो वहां भूराराम पुत्र हेतराम बिश्नोई, उसका पुत्र विकास तथा उषा और सावित्री नाम की दो महिलाएं मिलीं। पुलिस द्वारा पूछताछ शुरू करने से पहले ही चारों कथित रूप से आक्रोशित हो गए और पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि उषा ने अपनी मां से कपड़े फाडक़र पुलिस पर छेड़छाड़ का झूठा मुकदमा दर्ज करवाने की बात कही। इसी बीच विकास ने मोबाइल से अपने भांजे अमन और बहन सरोज को बुला लिया।
करीब दस मिनट बाद अमन और सरोज एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर लाठियां लेकर मौके पर पहुंचे और पुलिसकर्मियों पर हमला शुरू कर दिया। आरोप है कि भूराराम ने सीआई सुरेन्द्र कुमार के बाएं हाथ पर लाठी से वार किया, जबकि विकास ने एएसआई किशन सिंह की दाहिनी कलाई पर लाठी मारी। अमन ने श्रवणराम के कंधे और कनपटी पर हमला किया। वहीं सरोज, उषा और सावित्री ने ईंट-पत्थर फेंकते हुए महिला हेड कांस्टेबल मनोहरी के साथ मारपीट की और उनकी वर्दी फाड़ दी।
रिपोर्ट के अनुसार धक्का-मुक्की के दौरान सरोज ने सीआई की वर्दी पकडक़र उनकी व्हिसल की डोरी और बिल्ला तोड़ दिया। उषा ने ईंट से सीआई की कमर पर वार किया। आरोपियों द्वारा फेंकी गई ईंट से सरकारी बोलेरो नंबर आरजे-07 यूबी-2614 का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि डायल-112 वाहन आरजे-14 टीजी-4306 के बोनट को भी नुकसान पहुंचा। अमन पर हेड कांस्टेबल धारा सिंह के पैरों पर लाठी मारने तथा डायल-112 वाहन में लगे कैमरे की एलईडी तोडऩे का भी आरोप है।
पुलिस का कहना है कि भूराराम, विकास, अमन, सरोज, उषा और सावित्री ने एक राय होकर पुलिस जाब्ते के साथ मारपीट की, राजकार्य में बाधा पहुंचाई, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 121(1), 132, 352, 351(2), 351(3), 190 तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम (पीडीपीपी एक्ट) की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पूगल थानाधिकारी ममरवीर सिंह को सौंपी गई है।
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