पाकिस्तान की अफगान सीमा पर एयरस्ट्राइक,16 मौतें, अफगानिस्तान ने दी जवाब की चेतावनी
पाकिस्तान की अफगान सीमा पर एयरस्ट्राइक,16 मौतें, अफगानिस्तान ने दी जवाब की चेतावनी
पाकिस्तान की सेना ने रविवार तड़के अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सेना ने दावा किया कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और इस्लामिक स्टेट से जुड़े सात कैंपों और ठिकानों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तान सरकार ने इसे हालिया आत्मघाती हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई बताया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा कि यह एक इंटेलिजेंस आधारित ऑपरेशन था। इस्लामाबाद का दावा है कि हाल के हमले अफगानिस्तान की जमीन से संचालित नेटवर्क द्वारा कराए गए और इसके पुख्ता सबूत मौजूद हैं।
अफगान मीडिया के अनुसार, नांगरहार प्रांत में एक घर को निशाना बनाया गया, जिससे एक ही परिवार के 23 लोग मलबे में दब गए। अब तक चार लोगों को निकाला जा सका है। अमेरिकी मानवाधिकार संगठन इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन (IHRF) ने 16 लोगों की मौत का दावा किया है, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। हालांकि, आधिकारिक आंकड़ों की पुष्टि अभी नहीं हुई है। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए “सही समय पर कड़ा जवाब” देने की चेतावनी दी है। अफगान सूत्रों के अनुसार पक्तिका में एक धार्मिक स्कूल पर ड्रोन हमला हुआ और नांगरहार में भी कार्रवाई की गई।
पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह 2020 में दोहा में अमेरिका और तालिबान के बीच हुए दोहा समझौता के तहत तालिबान पर दबाव बनाए। इस समझौते में तालिबान ने वादा किया था कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी अन्य देश के खिलाफ नहीं होने दिया जाएगा और अल-कायदा जैसे संगठनों से दूरी रखी जाएगी।
एयरस्ट्राइक से कुछ घंटे पहले खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू जिले में सुरक्षा काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ, जिसमें दो सैनिकों की मौत हुई। 16 फरवरी को बाजौर में विस्फोटकों से भरी गाड़ी सुरक्षा चौकी से टकरा दी गई थी, जिसमें 11 सैनिक और एक बच्चे की जान गई। इससे पहले 6 फरवरी को इस्लामाबाद में जुमे की नमाज के दौरान शिया मस्जिद (इमामबाड़ा) में आत्मघाती हमला हुआ था। पाकिस्तानी अखबार डॉन के अनुसार इस हमले में 31 लोगों की मौत और 169 घायल हुए थे। इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली थी। क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर हालात पर बनी हुई है।
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