खुलासा न्यूज,बीकानेर। एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण गोदारा के नेतृत्व में सोमवार शाम नीट पेपर लीक मामले को लेकर बीकानेर में विशाल मशाल जुलूस निकाला गया। इस दौरान देहात कांग्रेस जिलाध्यक्ष बिशनाराम सियाग भी उपस्थित रहे । यह जुलूस जिला कांग्रेस कमेटी देहात कार्यालय से अम्बेडकर सर्किल तक निकाला गया। जहां कार्यकर्ताओं और छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
मशाल जुलूस में बड़ी संख्या में छात्र, युवा कार्यकर्ता और एनएसयूआई पदाधिकारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में मशालें और तख्तियां थीं, जिन पर ''धर्मेन्द्र प्रधान इस्तिफा दो, ''एनटीए को प्रतिबन्धित किया जाये छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो और पेपर लीक माफिया पर सख्त कार्रवाई करो जैसे नारे लिखे हुए थे। पूरे रास्ते प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और परीक्षा एजेंसी एनटीए के खिलाफ जमकर नारे लगाए।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण गोदारा ने छात्रो को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश का युवा आज अपने भविष्य को लेकर सबसे अधिक चिंतित और आक्रोशित है, क्योंकि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने मेहनती विद्यार्थियों के सपनों और विश्वास को तोडऩे का काम किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और एनटीए की लापरवाही के कारण लाखों छात्र-छात्राओं का भविष्य खतरे में पड़ गया है। श्रीकृष्ण गोदारा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एनएसयूआई युवाओं के हक की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी और जब तक पेपर लीक माफिया पर सख्त कार्रवाई, दोषियों को कड़ी सजा तथा निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने आगे कहा कि केन्द्रीय मंत्री धर्मेंन्द्र प्रधान इस्तिफा देवें और नेशनल टेस्टिंग एजेन्सी (एनटीए) को प्रतिबन्धित किया जाये अन्यथा एनएसयूआई सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन तेज करेगी। उन्होंने युवाओं से एकजुट होकर शिक्षा व्यवस्था को बचाने की लड़ाई में साथ आने की अपील भी की।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि नीट परीक्षा में बार-बार सामने आ रही पेपर लीक और अनियमितताओं ने लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में डाल दिया है। सरकार और एनटीए निष्पक्ष व पारदर्शी परीक्षा कराने में विफल रहे हैं।
बड़े स्तर पर पेपर लीक माफिया सक्रिय है, लेकिन प्रभावशाली लोगों को बचाया जा रहा है। राजस्थान सहित कई राज्यों में समय पर एफआईआर और सख्त कार्रवाई नहीं होना गंभीर सवाल खड़े करता है। हम मांग करते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और छात्रों को न्याय मिले।
मशाल जुलूस के दौरान पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। इस मौके पर अशोक जोशी, अभिमन्यु जाखड़, सोनू जोशी, दीपक चौधरी, मदत अली,सरवन रामावत और एनएसयूआई के कई पदाधिकारी, छात्र नेता और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।
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